
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: देव संस्कृति विश्वविद्यालय अब तकनीक और भारतीय संस्कृति को साथ लेकर नई दिशा में काम करने जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने नई दिल्ली में देश के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की विशेष पहल ‘लोकतंत्र के लिए एआई’ कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय विचार मंच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सामाजिक, नैतिक और लोकतांत्रिक उपयोग पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य एआई को मानवता, नैतिकता और जनहित से जोड़ना है।
डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा तथा डॉ. मल्लिका नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान लोकतंत्र, भारतीय ज्ञान परंपरा, युवा शक्ति, संस्कारयुक्त तकनीक और सुशासन जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
डॉ. पण्ड्या ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय के माध्यम से नई पीढ़ी को दिशा देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि एआई का विकास केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें संवेदनशीलता, नैतिकता और मानव कल्याण का भाव भी शामिल होना चाहिए।
इस अवसर पर ‘दधीचि अंगदान कार्यक्रम’ के लिए भी नेताओं को आमंत्रित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंदों को नया जीवन देने के लिए समाज को प्रेरित करना है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय भविष्य के मजबूत और संवेदनशील समाज की नींव बन सकता है।






