भारी बारिश के बीच जिला प्रशासन अलर्ट अधिकारी फील्ड में उतरे

पंचकूला । उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा है कि जिले में भारी बारिश और उसके बाद पहाड़ों से पानी आने के कारण जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
उपायुक्त मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को वीडियो कॉनफ्रेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों की आपातकालीन बैठक हुई थी। इसी बैठक में उपायुक्त डॉ. सोनी ने बताया कि पिछले 2-3 दिन में पंचकूला जिले में 650 मिमी बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में इस अत्यधिक वर्षा और बादल फटने के कारण ऊपरी क्षेत्रों से भी घग्गर नदी में पानी आ रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने रात के दौरान जिले में तीन से चार निचले स्थानों को खाली करा लिया है, जिससे प्रभावित लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि घग्गर नदी पुल के पास पहाड़ खिसकने की भी संभावना है। घग्गर नदी में पानी का बहाव भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मोरनी क्षेत्र में भी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ है, जहां जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित अन्य विभागों की टीम मौजूद हैं। यह टीमें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि भारी बारिश के कारण मढ़ांवाला में पिंजौर-नालागढ़ को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक ने इसकी मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, जारी बारिश के कारण मरम्मत कार्य में कुछ समय लगने की उम्मीद है। एक वैकल्पिक मार्ग चालू कर दिया जाएगा जबकि मुख्य पुल अगले दो दिन के भीतर तैयार होने का अनुमान है। डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि जिले के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जिस तक हेल्पलाइन नंबर 0172-2583112 और 9569608011 के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। वर्तमान स्थिति से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध हो सकेगी।






