
जन एक्सप्रेस, रुद्रप्रयाग। भगवान शिव के पवित्र धाम केदारनाथ में इस वर्ष की यात्रा ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए सिर्फ 47 दिनों में 11 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह रफ्तार बीते वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है और संकेत दे रही है कि इस बार की यात्रा इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है।
रोजाना उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़, 23 हज़ार से अधिक कर रहे रोज़ाना दर्शन
2 मई को कपाट खुलने के दिन ही 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। शुरुआती कुछ दिन घोड़े-खच्चरों में फैली बीमारी और भारत-पाक तनाव की वजह से यात्रा थोड़ी धीमी रही, लेकिन उसके बाद से लगातार श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी आई है।
वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 23,000 यात्री बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं। पैदल मार्ग से लेकर हवाई सेवा, घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी तक हर साधन के जरिए श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं।
2023 और 2024 का रिकॉर्ड भी हुआ पीछे
वर्ष यात्राकाल 11 लाख यात्री कब पहुंचे
2023 70 दिन 70वें दिन
2024 117 दिन 117वें दिन
2025 47 दिन रिकॉर्ड 47वें दिन
इस बार की यात्रा की रफ्तार और उत्साह इतना अधिक है कि पिछले दो वर्षों का आंकड़ा केवल आधे समय में पार कर लिया गया है। पर्यटन विभाग और बद्री-केदार मंदिर समिति ने इस वृद्धि को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ा दिया है और टोकन व्यवस्था लागू की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय कारोबारियों में खुशी, तीर्थाटन बना रोजगार का आधार
श्रद्धालुओं की बंपर आमद ने स्थानीय होटल व्यवसाय, घोड़ा-खच्चर सेवाओं, ट्रैवल एजेंसियों और रेस्टोरेंट व्यवसायियों को जबरदस्त फायदा पहुँचाया है।
स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण सिंह का कहना है, “इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहली बार देखे हैं, व्यापार में जान आ गई है।”
केदारनाथ यात्रा बनी आस्था, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल
इस वर्ष की यात्रा न सिर्फ आस्था का पर्व, बल्कि उत्तराखंड के आर्थिक विकास और पर्यटन सशक्तिकरण की नई पहचान बन रही है। प्रशासन की ओर से बेहतर प्रबंधन, सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था ने इस सफलता को और अधिक मजबूत आधार प्रदान किया है।






