Maharajganj: कूटरचित दस्तावेजों से लाइसेंस लेने का आरोप, आबकारी दुकान संचालक पर गिरी गाज
फर्जी किरायानामा के सहारे शराब दुकान का लाइसेंस रिन्यू कराने का खेल उजागर, 7 दिन में जवाब तलब

जन एक्सप्रेस/महराजगंज: जिला लाइसेंस प्राधिकारी एवं जिलाधिकारी महराजगंज ने निचलौल क्षेत्र के एक कंपोजिट दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि दुकान के लाइसेंस के लिए फर्जी किरायानामा एवं कूटरचित हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया। मामले में संबंधित लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार निचलौल निवासी भारत कुमार अग्रवाल ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया था कि अविनाश पुत्र रामआज्ञा जायसवाल द्वारा आबकारी विभाग में प्रस्तुत किरायानामा फर्जी है तथा उसमें शिकायतकर्ता के कूटरचित हस्ताक्षर किए गए हैं। शिकायत के साथ किरायानामा की छायाप्रति भी उपलब्ध कराई गई थी।
मामले की जांच आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 निचलौल द्वारा की गई। जांच में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया गया। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित दुकान के संचालन हेतु प्रस्तुत किरायानामा कूटरचित दस्तावेज प्रतीत होता है और उसी के आधार पर वर्ष 2025-26 में दुकान का आवंटन तथा वर्ष 2026-27 में नवीनीकरण कराया गया।
इस पूरे प्रकरण में आबकारी निरीक्षक निचलौल वैभव कुमार यादव ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यह कृत्य उत्तर प्रदेश आबकारी कंपोजिट दुकान (लाइसेंस व्यवस्थापन) नियमावली 2025 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके चलते लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संबंधित पक्ष को 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।






