Maharajganj: नशीली दवाओं के साथ तीन व्यक्ति गिरफ्तार
अवैध ड्रग्स कारोबार में संलिप्त ठूठीबारी के दो हिस्ट्रीशीटर सहित तीन गिरफ्तार

जिला संवाददाता – आदित्य पटवा
जन एक्सप्रेस / महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ महराजगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। श्यामदेउरवा पुलिस, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम ने पिपराइच-परतावल मार्ग पर बसहिया मोड़ के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध पिकअप वाहन से प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की बड़ी खेप बरामद करते हुए मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद इंजेक्शनों को अवैध तस्करी के जरिए अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर को क्रॉस कर नेपाल राष्ट्र भेजने की तैयारी में थे।
पुलिस के मुताबिक गुरुवार की रात करीब 11:30 बजे पुलिस प्रशासन को सूचना मिली थी कि गोरखपुर-पिपराइच की ओर से एक पिकअप में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर श्यामदेउरवा पुलिस, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम श्यामदेउरवा क्षेत्र में पिपराइच-परतावल मार्ग स्थित बसहिया मोड़ के पास घेराबंदी की। संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी लेने पर नीले प्लास्टिक के बोरे में कागज के गत्तों के बीच नशीले इंजेक्शन बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि वाहन से सेराजेक डायजेपाम इंजेक्शन 2000 एम्पुल और बुप्रेनोरफ़िन इंजेशन 2,350 एम्पुल मिली। दोनों नशीली इंजेक्शनों की कुल संख्या 4,350 एम्पुल है। प्रत्येक एम्पुल दो एमएल का बताया गया है और उन पर लाल रंग से एनआरएक्स अंकित है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या UP56AT5866 और दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध 230/2026, धारा 8/22(c)/23(c) एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
व्हाटसअप कॉल से होती है दवा की तस्करी की डिल:
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर भारत-नेपाल सीमा पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बिहार के टिंकविल उर्फ पिंकू नामक व्यक्ति से दवाओं की आपूर्ति होने की बात बताई है। इंटरनेट के व्हाट्सएप कॉल के जरिए ऑर्डर देने और बताए गए बैंक खातों में भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
*ठूठीबारी के दो हिस्ट्रीशीटर और ड्रग कारोबारी गिरफ्तार:*
नशीली दवा की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार आरोपियों में जाकिर हुसैन (45) निवासी लोहरौली, गोविंद प्रसाद (55) निवासी जमुईकला, और सचिन (19) निवासी जमुईकला, थाना ठूठीबारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जाकिर हुसैन थाना ठूठीबारी का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ एनडीपीएस, गैंगस्टर समेत कई अन्य आपराधिक मामले में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गोविंद प्रसाद भी ठूठीबारी थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है और उसके खिलाफ एनडीपीएस, गैंगस्टर समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
करोड़ो की नशीली दवाओं का मास्टर माइंड फिर चढ़ा पुलिस के हत्थे:
व्यापक मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के बरामदगी और अवैध कारोबार से जुड़ा चर्चित नाम गोविंद गुप्ता एक बार फिर पुलिस के शिकंजे आया है। सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं के नेटवर्क को लेकर फिर हलचल मच गई है। बीते 3 अगस्त 2021 को तत्कालीन निचलौल एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में ठूठीबारी पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने ठूठीबारी क्षेत्र के गोविंद गुप्ता के कथित अवैध गोदाम व दुकान पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित नशीली गोलियां, इंजेक्शन, सिरप और रैपर समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बरामद दवाओं की अंतर्राष्ट्रीय कीमत करीब 686 करोड़ रुपये आंकी थी। पुलिस के मुताबिक, नशीली दवाओं का यह कथित कारोबार आम लोगों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल तक सप्लाई से जुड़ा था। छापेमारी के बाद पुलिस-प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद गोविंद गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा और बीते सितंबर 2022 में आरोपी से जुड़ी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई हुई थी। ऐसे में एक बार फिर आरोपी के पुलिस के हत्थे चढ़ने से 686 करोड़ की नशीली दवाओं वाले पुराने मामले की चर्चा फिर तेज हो गई है। भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं के कथित नेटवर्क से जुड़े इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।






