समाज में प्रचलित जातिवाद के घोर विरोधी थे महात्मा ज्योतिबा फुले

बिजनौर । महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा मोर्चा ने मंगलवार को चांदपुर विधानसभा के छाछरी मोड़ पर एक गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तिलकराज सैनी एवं संचालन शीशपाल सिंह ने किया। मुख्य अतिथि के रुप में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने सर्वप्रथम महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन परिचय से अवगत कराते हुए बताया कि ज्योतिबा फुले का वे समाज में प्रचलित जातिवाद के घोर विरोधी थे। इन्होंने समाज के जाति आधारित विभाजन का सदैव विरोध किया और जाति प्रथा को समाप्त करने के उद्देश्य से बिना पंडित के ही विवाह संस्कार प्रारंभ किया। इनकी समाज सेवा को देखते हुए मुम्बई की एक विशाल सभा में 11 मई 1888 ईस्वी को विट्ठलराव कृष्णा जी भांडेकर जी उन्हें महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया। सन 1975 में ज्योतिबा फुले के नाम पर बरेली में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। मोहित बेनीवाल ने साध्वी कार्यकर्ताओं को भारतीय जनता पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने का सभी से आह्वान किया






