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अलवर में दशहरे पर अयोध्या की रज पर खडे होकर राम करेंगे रावण का अंत

अलवर । बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतिक दशहरा महोत्सव 12 अक्टूबर को शाम 6 बजे दशहरा मैदान में मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम पुरुशार्थी समाज की ओर से आयोजित होगा।

समाज के अध्यक्ष कुलदीप कालरा ने बताया कि इस बार अयोध्या से लाई हुई रज पर खड़े होकर राम रावण के पुतले का दहन करेंगे। इसके लिए समाज की महिला मंडल की टीम 9 तारीख को दशहरा मैदान से अयोध्या के लिए रवाना होगी और 10 अक्टूबर को रज लेकर अलवर पहुंचेगी। इस रज को अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।

कार्यक्रम संयोजक राकेश अरोड़ा ने बताया कि पुरुषार्थ समाज सन 1948 से रावण के पुतले दहन कर रहा है। कोरोना के समय 2 साल यह कार्यक्रम नहीं हुआ। इस बार दिल्ली की मशहूर पुंगी पार्टी एवं पंजाबी ढोल झांकी में शामिल होंगे। गाजियाबाद के कलाकारों द्वारा आकर्षक रंगीन आतिशबाजी की जाएगी। बड़ी एलइडी पर रामायण का परिदृश्य दिखाया जाएगा। झांकी पुरुषार्थी धर्मशाला विवेकानंद चौक से शुरू होगी जो शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई दशहरा मैदान पहुंचेगी। शोभायात्रा का कई जगह स्वागत होगा। इस दौरान पत्रकार वार्ता में महासचिव राजेश मक्कड, महेश खत्री, विशाल गाँधी सहित समिति के अन्य लोग मौजूद रहे।

थ्री लेयर होगी मंच की सुरक्षा

इस बार मंच की सुरक्षा थ्री लेयर होगी. आयोजकों ने बताया कि हर बार मंच पर काफी भीड़ हो जाती है। इसलिए थ्री लेयर सुरक्षा घेरे में मंच होगा। बिना परमिशन और बिना जांच के कोई भी मंच पर नहीं जा सकेगा। कार्यक्रम में आमजन के लिए 3000 कुर्सियां लगाई गई है। इसके लिए समिति द्वारा पास वितरित किए गए हैं। पुरुषार्थी समिति की ओर से इस बार 65 फुट रावण, 60 फुट कुंभकरण व 55 फुट मेघनाथ के पुतले तैयार किया जा रहे हैं। जिन्हें दशहरे के दिन जलाया जाएगा। 20 सितंबर से इन पुतलों की तैयारी कारीगर दशहरा मैदान में ही कर रहे हैं।

रामगढ़ उपचुनाव में पुरुशार्थी समाज को टिकट देने की मांग

पुरुषार्थ समिति ने इस बार रामगढ़ उपचुनाव को देखते हुए भाजपा से समाज के व्यक्ति को टिकट देने की मांग की हैं। संयोजक राकेश अरोड़ा ने बताया कि रामगढ़ सीट पर हमेशा पुरुषार्थ समाज का वर्चसव रहा हैं। पुरुषार्थी समाज में पंजाबी, सिख, राजपूत और सिंधी समाज आते हैं। ऐसे में भाजपा को पुरुषार्थ समाज के व्यक्ति को ही टिकट देनी चाहिए। अगर भाजपा पुरुषार्थ समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं देती है तो समाज दशहरे के बाद बैठक कर उचित निर्णय लेगा।

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