डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल की तीन विज्ञान पुस्तकों का एससीईआरटी देहरादून में विमोचन, वैज्ञानिक चेतना को मिलेगा बढ़ावा
विज्ञान को सरल भाषा में समाज तक पहुंचाने का प्रयास

जन एक्सप्रेस / उत्तराखंड
देहरादून/उत्तरकाशी। विज्ञान को आमजन और विद्यार्थियों तक सरल एवं प्रभावी भाषा में पहुंचाने के उद्देश्य से विज्ञान शिक्षक एवं विज्ञान संप्रेषक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल द्वारा लिखित तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन बुधवार को एससीईआरटी एवं सीमैट उत्तराखंड, देहरादून में किया गया। कार्यक्रम में निदेशक एससीईआरटी एवं सीमैट उत्तराखंड वंदना गर्ब्याल ने पुस्तकों का लोकार्पण किया।
डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल वर्तमान में पीएम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी) में विज्ञान शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विज्ञान मंडल द्वारा प्रकाशित पुस्तकें ‘आधुनिक विज्ञान व हमारी गौरवशाली परंपरा’, ‘प्रकृति विज्ञान व भविष्य’ तथा ‘धरती विज्ञान व भविष्य’ विज्ञान, पर्यावरण और समाज के विभिन्न पहलुओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करती हैं।
इन पुस्तकों में भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की वैज्ञानिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। लेखक ने आधुनिक विज्ञान को भारतीय संस्कृति और प्रकृति के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में इंस्पायर अवार्ड के राज्य समन्वयक अवनीश उनियाल, शिक्षक राजेश जोशी, गम्भीर राणा, सुरेश शाह सहित प्रदेश के अनेक नवाचारी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। उपस्थित शिक्षकों ने पुस्तकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी रचनाएं विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ समाज में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर विज्ञान शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और समाजोपयोगी बनाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के साहित्य की आवश्यकता आज पहले से अधिक है। यह पहल विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।






