
जन एक्सप्रेस /विकासनगर जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हॉस्पिटल पर मरीजों के साथ कथित आर्थिक शोषण और गैरजरूरी ऑपरेशन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा कि अस्पताल मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल बनाकर महंगे ऑपरेशन कराने का दबाव डालता है। उनका आरोप है कि कई मामलों में जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें भी ऑपरेशन की सलाह देकर लाखों रुपये वसूले जाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एक माइनर ब्रेन हेमरेज के मरीज के परिजनों से तत्काल ऑपरेशन के नाम पर 25 लाख रुपये जमा कराने की बात कही गई थी। बाद में दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने पर बिना ऑपरेशन के लगभग एक से सवा लाख रुपये में मरीज स्वस्थ होकर एक सप्ताह के भीतर घर लौट गया।
नेगी ने एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें एक मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों से स्टेंट और अन्य उपचार के नाम पर लगभग सवा दो लाख रुपये मांगे गए। उनका आरोप है कि हस्तक्षेप के बाद अस्पताल ने करीब 18-20 हजार रुपये लेकर शव परिजनों को सौंप दिया।
जन संघर्ष मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत भी अनियमितताएं कर रहा है तथा मरीजों से अतिरिक्त शुल्क की मांग की जाती है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि कथित लूटपाट बंद नहीं हुई तो अस्पताल के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में पछ्वादून अध्यक्ष अमित जैन और ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा भी मौजूद रहे।
नोट: यह सभी आरोप जन संघर्ष मोर्चा द्वारा लगाए गए हैं। समाचार में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।






