देश

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी। मामले में दोषसिद्धि के कारण उन्हें सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि जो अधिकतम सजा हो सकती थी वो राहुल गांधी को सुनाई गई। ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाया लेकिन कारण नहीं बताया। राहुल गांधी का बयान अपमानजनक नहीं था। प्रभाव व्यापक हैं। इससे न केवल याचिकाकर्ताओं का सार्वजनिक जीवन में बने रहने का अधिकार प्रभावित होता है, बल्कि उन मतदाताओं का अधिकार भी प्रभावित होता है जिन्होंने उन्हें चुना है। इन्हें ध्यान में रखते हुए और ट्रायल जज द्वारा अधिकतम सजा देने के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है, सजा के आदेश पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाने की जरूरत है।

हाई कोर्ट के आदेशों में इन पहलुओं पर विचार नहीं किया

जस्टिस गवई ने कहा कि जहां तक ​​सजा की सजा का सवाल है, हमने कुछ कारकों पर विचार किया है। आईपीसी की धारा 498 और 499 के तहत दंडनीय अपराध की सामग्री अधिकतम 2 वर्ष या जुर्माना या दोनों है। ट्रायल जज ने अधिकतम 2 साल की सज़ा सुनाई है। सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के अलावा, ट्रायल जज द्वारा इसके लिए कोई अन्य कारण नहीं बताया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस अधिकतम सजा के कारण ही आरपी एक्ट के प्रावधान लागू हुए हैं। एक दिन कम सजा होती तो प्रावधान नहीं लगते। विशेष रूप से जब अपराध गैर-संज्ञेय, जमानती, समझौता योग्य हो, तो ट्रायल जज से अधिकतम सजा देने के लिए कारण बताने की अपेक्षा की जाती है। हालाँकि अपीलीय और उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि पर रोक को खारिज करने के लिए बड़े-बड़े पन्ने खर्च कर दिए हैं, फिर भी उनके आदेशों में इन पहलुओं पर विचार नहीं किया गया है।

अभिषेक मनु सिंघवी की दलील

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी का मूल उपनाम मोदी नहीं है, क्योंकि वह मोढ़ वणिक समाज से आते हैं। पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में मोदी उपनाम के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया हुआ है।
राहुल ने क्या टिप्पणी की थी?

राहुल गांधी ने सभा में टिप्पणी की थी कि सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे है? कांग्रेस नेता की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ से कहा कि उनका मुवक्किल कोई कुख्यात अपराधी नहीं है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके खिलाफ कई मामले दर्ज कराए जाने के बावजूद उन्हें किसी भी मामले में कोई सजा नहीं हुई है। शीर्ष अदालत गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली राहुल की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button