विदेश

जिनपिंग का सीक्रेट मिशन, वर्ल्ड ऑर्डर बदलने वाली मुलाकात

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मास्को दौरा शुरू हो रहा है। जंग के बाद जिनपिंग का ये पहला रूस दौरा है। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति की रूस के प्रेसिजेंट व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात होगी। तीसरे कार्यकाल मिलने के बाद पहली बार जिनपिंग रूस की यात्रा पर हैं, जहां वो पुतिन के साथ डिप्लोमेटिक डिनर में हिस्सा लेंगे। दो बड़े वैश्विक नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है। दोनों की करीबी पूरी दुनिया के लिए भी अहम संकेत दे रही है।शांति मिशन पर शी

चीन के सरकारी प्रवक्ता का बहुत बड़ा बयान सामने आया है। जिनपिंग के मॉस्को दौरे से ठीक पहले चीन की ओर से ऐलान किया गया है। जिनपिंग रूस और यूक्रेन में शांति की पहल करेंगे। शांति मिशन पर शी जिनपिंग होंगे और चीन के अधिकारी इसे शांति मिशन के तौर पर ही पेश कर रहे हैं। जिनपिंग दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करेंगे। चीन के राष्ट्रपति की ओर से सुलह का फॉर्मूला भी पेश किया जा सकता है। अब खास बात ये है कि जिनपिंग के पिछले 12 सूत्रिए फॉर्मूले को नकार दिया गया था। यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने शी जिनपिंग के प्रस्ताव को रूस के पक्ष में एकतरफा बताया था। जिनपिंग इस बार शांति पहल में न्यूट्रल नजर आने की कोशिश कर सकते हैं। पुतिन ने चीनी अखबार में लिखा लेख

वहीं पुतिन ने चीनी अखबार में छपे एक लेख में आश्वासन दिया है कि रूस राजनीतिक कूटनीतिक तरीकों से यूक्रेन संकट के समाझान के लिए राजी है। हालांकि उन्होंने कीव की नई भू राजनीतिक वास्तविकताओं की मान्यता पर जोर दिया। यानी सीधे सीधे उनका कहना है कि यूक्रेन के उन चार इलाकों को मान्यता देने का है जिसे रूसे ने जीता है। गौरतब है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग वैश्विक स्तर पर भी अपने कद को बढ़ाने के प्रयास में लगे हैं और खुद को एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्वीकार्य करवाने पर फोकस कर रहे हैं।

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