भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर निकली भव्य शोभायात्रा

वाराणसी । जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी के 2622 वें जन्म कल्याणक (जन्मोत्सव) पर सोमवार को शोभायात्रा निकाली गई। श्री दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वावधान में मैदागिन स्थित श्री बिहारी लाल दिगंबर जैन मंदिर से पूर्वाह्न में भगवान महावीर के विग्रह को चांदी के रथ पर विराजमान कराया गया। इसके बाद पुष्प वर्षा एवं मंगल ध्वनियों के बीच भव्य शोभा यात्रा निकली । शोभायात्रा मैदागिन से प्रारंभ होकर बुलानाला, नीचीबाग, आसभैरव, चौक, ठठेरी बाजार होते हुए सोरा कुआं पहुंची । शोभायात्रा में शामिल लोग पूरे राह चैती, धन-धन चैत की तेरस रामा भय महावीरा गाते हुए चल रहे थे। जिस सुसज्जित विशाल रथ पर आराध्य देव विराजमान थे उसे श्रद्धालु स्वयं खींच रहे थे। यात्रा में भजन मंडली एवं महिलाओं ने धार्मिक भजनों को गाया। शोभायात्रा में ध्वज पताका, अहिंसा, परमो धर्म का बैनर,समाज का बैनर चल रहा था । बैंड पार्टियां धार्मिक धुन बजाकर माहौल को भक्तिमय बना रही थीं । शोभायात्रा में बड़ा रजत हाथी,चंवर गाड़ी, धूप गाड़ी,झंडी गाड़ी, रजत पालकी सभी को आकर्षित कर रही थी ।
इंद्रगण भगवान को चंवर डोला रहे थे । पुरुष पारंपरिक वेश में केसरिया दुपट्टा ओढ़े भगवान महावीर के संदेशों का गुणगान कर उद्घोष कर रहे थे । रास्ते में लोग पुष्प वर्षा के साथ भगवान तीर्थंकर की आरती एवं शोभायात्रा का स्वागत कर रहे थे । सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने रास्ते में शोभायात्रा का स्वागत किया । सोरा कुआं पर आयोजित चैती के बाद तीर्थंकर महावीर के विग्रह को इंद्रों ने बड़े रजत रथ पर से उतार कर रजत पालकी पर विराजमान कराया। इसके बाद पालकी को कंधे से उठाकर जय जय जिनेन्द्र देव की,भव सागर नाव खेवकी का उद्घोष करते हुए ग्वालदास साहुलेन स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुँचे ।






