सागौन के पेड़ की पुकार: पुलिस पर अवैध कटान और जबरन ले जाने का आरोप, न्याय की गुहार”
जौनपुर से प्रयागराज तक बिना अनुमति काटकर ले जाने का दावा, थाना प्रभारी व सिपाहियों पर गंभीर आरोप

जन एक्सप्रेस / जौनपुर की खास रिपोर्ट: जौनपुर जिले से एक अनोखा लेकिन गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पेड़ को मानवीय स्वर देकर स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस प्रशासन पर अवैध कटान और जबरन ले जाने का आरोप लगाया है। यह शिकायत न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण पर सवाल उठाती है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर चिंताएं खड़ी करती है।
शिकायत के अनुसार, सुईथाकला गांव समेत सरपतहा क्षेत्र के अन्य गांव सभा में वर्षों से पला-बढ़ा एक पेड़, जिसे स्थानीय व्यक्ति ने अपने परिवार की तरह सींचा और बड़ा किया, उसे बिना किसी अनुमति के काटकर प्रयागराज भेज दिया गया। आरोप है कि यह कार्रवाई सरपतहा थाना प्रभारी यजवेंद्र सिंह के दबाव में की गई, जिसमें सिपाही अंकित राय और पवन यादव की भी भूमिका बताई जा रही है।
पीड़ित का कहना है कि जिस पेड़ को उसने वर्षों तक पानी देकर, देखभाल कर बड़ा किया, उसे अचानक जबरन काटकर ले जाया गया और कोई भुगतान भी नहीं किया गया। यह न केवल उसकी भावनाओं को आहत करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का भी खुला उल्लंघन है।
इस पूरे घटनाक्रम को एक भावनात्मक अपील के रूप में प्रस्तुत करते हुए शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। उसने कहा कि सरकार हर वर्ष करोड़ों पेड़ लगाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं जहां पेड़ों को पानी तक नहीं मिल पा रहा और पुलिस खुद ही उनके कटान में संलिप्त दिखाई दे रही है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि “हम बेजुबान हैं, न बोल सकते हैं, न चल सकते हैं, न अपनी पीड़ा किसी से कह सकते हैं।” इस भावनात्मक संदेश के माध्यम से प्रशासन से न्याय की अपील की गई है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या वाकई आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं। यह मामला न केवल एक व्यक्ति की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण और कानून व्यवस्था दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। बहरहाल उक्त के संबंध में थाना प्रभारी को फोन पर संपर्क साधा गया परंतु फोन नहीं उठा जिले के एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया जल्द ही कुछ बड़ा होगा क्या होगा यह नहीं बताया बल्कि फोन काट दिया।






