utrakhandपिथौरागढ़

आईटीबीपी जाजरदेवल में तंबाकू निषेध जागरूकता गोष्ठी

आईटीबीपी जवानों ने लिया तंबाकू मुक्त जीवन का संकल्प

जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड

आईटीबीपी के जाजरदेवल परिसर, पिथौरागढ़ में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता गोष्ठी, काउंसिलिंग सत्र एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जवानों के बीच तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक के निर्देशन में आयोजित किया गया। आयोजन में आईटीबीपी परिसर में तैनात जवानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान तंबाकू से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए आईटीबीपी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वप्ने ने तंबाकू सेवन के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तंबाकू का सेवन न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों और अन्य कई दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म देता है। उन्होंने जवानों को सचेत करते हुए कहा कि तंबाकू की लत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है और समय रहते इसे छोड़ना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान जवानों को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित कानूनों, इसके सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों तथा तंबाकू छोड़ने के प्रभावी उपायों की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण आर्थिक बोझ बढ़ता है और कार्यक्षमता में भी कमी आती है।

इस अवसर पर काउंसिलिंग सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें जवानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सामूहिक चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला, जिससे तंबाकू छोड़ने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हुआ। विशेषज्ञों ने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो तंबाकू की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार हिमानी जोशी एवं काउंसलर फूलमती ह्यांकी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोष्ठी के समापन पर आईटीबीपी परिसर में उपस्थित सभी जवानों ने तंबाकू मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया। उन्होंने शपथ ली कि वे स्वयं कभी तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और अपने साथियों व समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। यह संकल्प न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाने के लिए किया जाता है। खासतौर पर सुरक्षा बलों के जवानों के बीच ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस तरह के प्रयास न केवल तंबाकू के खिलाफ जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि एक सकारात्मक और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं। आईटीबीपी जाजरदेवल में आयोजित यह गोष्ठी इसी दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button