गणतंत्र दिवस पर सीएम आवास में फहराया गया तिरंगा, योगी आदित्यनाथ ने दिया संविधान और राष्ट्रप्रेम का संदेश
76वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान, संविधान को बताया लोकतंत्र की आत्मा

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: देश के 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस अवसर पर वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।
तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रप्रेम पर गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि देश की आत्मा से जुड़ा ऐसा दिन है, जो हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता के अमर सपूतों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि जिन वीरों और महापुरुषों के त्याग, तपस्या और बलिदान से हमें स्वतंत्रता मिली, आज का दिन उन्हीं को स्मरण करने का अवसर है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। यह संविधान हमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान का सम्मान करना ही देश के महापुरुषों का सच्चा सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने देश को ऐसा संविधान दिया, जिसने हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए। आज भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था उसी मजबूत नींव पर खड़ी है, जिसे बाबा साहेब ने तैयार किया था।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने लोकतंत्र की शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब नागरिक राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हों। राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारे आचरण, व्यवहार और कर्तव्यों में भी दिखाई देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विकास, सुरक्षा और सुशासन के क्षेत्र में भारत ने पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वयं को कानून या न्याय से ऊपर नहीं मान सकती। जो ऐसा सोचता है, वह सीधे तौर पर संविधान की भावना का अपमान करता है। संविधान सभी के लिए समान है — चाहे वह आम नागरिक हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे संविधान के मूल मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेगा, तभी लोकतंत्र सशक्त बनेगा और देश निरंतर प्रगति करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास परिसर में देशभक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। सुरक्षाबलों, अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। तिरंगे को सलामी देते समय हर चेहरा गर्व और आत्मसम्मान से भरा नजर आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आज़ादी को बनाए रखना उतना ही ज़रूरी है जितना उसे प्राप्त करना। इसके लिए हमें एकजुट रहकर देशहित में कार्य करना होगा।
उन्होंने अंत में सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा समाज एक साथ राष्ट्रहित में खड़ा होता है, तब कोई भी शक्ति भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया।




