तृणमूल कार्यकर्ता की अस्वाभाविक मौत

दक्षिण दिनाजपुर । पंचायत चुनाव में और एक दिन शेष बचे हैं। इसी बीच दक्षिण दिनाजपुर जिले में तृणमूल कार्यकर्ता के अस्वाभाविक मौत का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है उसे तेजाब जैसी किसी चीज से जलाया गया है। आरोप है कि गुप्तांगों पर चोट पहुंचाई गई है। पेशे से ग्रामीण चिकित्सक समीर बर्मन (34) का शव गुरुवार को दक्षिण दिनाजपुर के तपन इलाके से बरामद किया गया।वह पिकनिक पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। गुरुवार सुबह घर के लोगों ने उसे घर से कुछ दूरी पर गंभीर हालत में पाया। बाद में अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
मृतक के परिवार का दावा है कि यह हत्या का मामला है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बालुरघाट जिला अस्पताल भेज दिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक राहुल दे ने बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गयी है। लेकिन ये कहना मुश्किल है कि इस घटना के पीछे कोई राजनीतिक वजह है या कुछ और। घटना की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, समीर बर्मन बुधवार की रात घर से निकले थे। बाद में फोन पर बताया, पिकनिक है इसलिए वे घर पर खाना नहीं खाएंगे। इसके बाद वह रात में घर नहीं लौटे। इसके बाद गुरुवार सुबह इलाके के लोगों ने घर से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर उन्हें अचेत अवस्था में पड़ा देखा। गंभीर हालत में उन्हें बालुरघाट जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। उनके गुप्तांगों पर चोट के निशान थे और उन्हें देख कर ऐसा लग रहा था कि उनके शरीर को तेजाब जैसे किसी पदार्थ से जलाया गया है।
स्थानीय तृणमूल नेता निजामुद्दीन सरकार ने दावा किया कि समीर चुनाव प्रचार में शुरू से ही तृणमूल के साथ थे। निज़ामुद्दीन का दावा है कि उनका परिवार भी सत्ताधारी पार्टी का समर्थक है।






