चित्रकूट के बघेल बंधु बने गरीबों के मसीहा
हर जरूरतमंद की मदद को रहते हैं तैयार, इंसानियत की मिसाल बन रहे अर्जुन और अरुण सिंह बघेल

जन एक्सप्रेस चित्रकूट (गढ़चपा)। जब समाज में कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं, तब कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना प्रचार के, अपने कर्मों से दिल जीतते हैं। गढ़चपा निवासी अर्जुन सिंह बघेल और उनके छोटे भाई अरुण सिंह बघेल (मिंटू सिंह) आज चित्रकूट जनपद में गरीबों और जरूरतमंदों के मसीहा के रूप में पहचान बना चुके हैं।ये दोनों भाई हर मजबूर, असहाय और संकट में फंसे व्यक्ति की मदद के लिए हर वक्त तत्पर रहते हैं। इनकी दरियादिली की कहानियां गांव-गांव में सुनाई देती हैं, और अब ये मिसाल बन चुके हैं।
जरूरतमंद पिता की मदद को तुरंत भेजे 20 हजार रुपये
पिछले महीने एक गरीब पिता अपने बेटे की आंखों के इलाज के लिए जानकीकुंड अस्पताल पहुंचा, लेकिन पैसों की कमी के कारण इलाज रुक गया। कई प्रयासों के बाद जब कोई मदद नहीं मिली, तब अरुण सिंह बघेल को फोन किया गया। उन्होंने बिना देर किए 20,000 रुपये की आर्थिक मदद सीधे खाते में भेज दी। पैसे मिलते ही उस पिता की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान दोनों नजर आईं।
बेटी के ऑपरेशन के लिए उठाया 50 हजार का खर्च
गढ़चपा निवासी राजबहादुर प्रजापति की बेटी जीतू, सतना के बिरला अस्पताल में भर्ती थी। उसकी आंत का ऑपरेशन होना था, लेकिन परिवार पूरी तरह से असमर्थ था। ऐसे समय में अरुण सिंह बघेल ने बेटी के इलाज का पूरा खर्च उठाते हुए 50 हजार रुपये की मदद की। आज वह बेटी स्वस्थ है और एक पिता का विश्वास जिंदा है।
गांव में मंदिर के लिए नल की मांग पर दी एक लाख की मदद
चुनाव प्रचार के दौरान जब ग्रामीणों ने मंदिर पर नल नहीं होने की समस्या बताई और अनुमानित खर्च 70 हजार बताया, तो अर्जुन सिंह बघेल ने तुरंत अपनी जेब से 1 लाख रुपये निकालकर ग्रामीणों को सौंपे और कहा – “काम शुरू कर दो।”
लंगर सेवा में भी सबसे आगे, लाखों श्रद्धालुओं को कराया भोजन
महाकुंभ के दौरान बघेल बंधुओं ने सबसे ज्यादा लंगर सेवा का आयोजन किया, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भोजन प्राप्त किया। ये दोनों भाई अक्सर गरीब बस्तियों, धार्मिक स्थलों और आपदा प्रभावित इलाकों में लंगर लगवाकर लोगों को भोजन उपलब्ध कराते हैं।
जनता के विश्वास का परिणाम– अनीता सिंह बघेल दो बार बनीं जिला पंचायत सदस्य
अर्जुन सिंह बघेल की धर्मपत्नी और अरुण सिंह बघेल की भाभी अनीता सिंह बघेल लगातार दो बार भौरी वार्ड से जिला पंचायत चुनाव जीत चुकी हैं। यह इस परिवार के जनसेवा, विश्वास और व्यवहार का ही परिणाम है।
“गरीब की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म” — अरुण सिंह बघेल
अरुण सिंह बघेल का कहना है, “मेरे लिए सबसे खुशी का दिन वही होता है जब मैं किसी जरूरतमंद की मदद कर पाता हूं। ऐसा करके आत्मा को सच्चा सुकून मिलता है।”






