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उत्तरकाशी की मेहनत को दिल्ली में सम्मान, दो प्रतिभाओं को डॉक्टरेट की मानद उपाधि

उत्तरकाशी की मेहनत को दिल्ली में मिला सम्मान

जन एक्स्प्रेस उत्तराखंड 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के लिए गर्व का पल सामने आया है। पहाड़ की मेहनत और लगन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिले के दो व्यक्तियों—ज्ञानेंद्र सिंह परमार और सोहनपाल सिंह भंडारी—को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए नई दिल्ली में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।

ज्ञानेंद्र सिंह परमार, जो ग्राम ढुंगी, पट्टी धनारी (विकासखंड डुंडा) के निवासी हैं, वर्तमान में जिला सहकारी बैंक उत्तरकाशी में अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ जनहित और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। लोगों को बैंकिंग से जोड़ने और सेवा भावना के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

वहीं सोहनपाल सिंह भंडारी, ग्राम जुणगा, पट्टी भंडारस्यूं (विकासखंड डुंडा) के निवासी हैं और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में शिक्षा संकाय के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। छात्रों का मार्गदर्शन करना, शिक्षा को सरल बनाना और सामाजिक कार्यों में भागीदारी उनकी पहचान बन चुकी है। इसी समर्पण के लिए उन्हें भी यह सम्मान मिला।

यह सम्मान 30 मई 2026 को नई दिल्ली के Constitution Club of India, रफी मार्ग में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में दिया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन Iconic Peace Award Council द्वारा किया गया, जिसमें देशभर की कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं।

इस उपलब्धि से पूरे उत्तरकाशी जिले में खुशी की लहर है। चाहे पट्टी धनारी हो या भंडारस्यूं, डुंडा ब्लॉक हो या पूरा जनपद—हर जगह गर्व और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सम्मान न केवल इन दोनों व्यक्तियों का, बल्कि पूरे क्षेत्र की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान है।

यह उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता। चाहे बैंकिंग सेवा हो या शिक्षा का क्षेत्र, यदि ईमानदारी और समर्पण से काम किया जाए, तो सफलता और सम्मान जरूर मिलता है।

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