लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर के निर्माण की गुणवत्ता पर जिलाधिकारी सख्त

जन एक्सप्रेस/महराजगंज: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने निचलौल तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेस्क्यू सेंटर में प्रस्तावित विभिन्न संरचनाओं का अवलोकन करते हुए निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने वन्यजीव अस्पताल, क्वारेंटाइन सेल, नाइट सेल, रेस्क्यू सेल सहित अन्य निर्माणाधीन इकाइयों का जायजा लिया। उन्होंने डीएफओ को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। निर्माण में प्रयुक्त ईंटों, सरियों एवं अन्य सामग्री की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ हो।
इस दौरान डीएफओ द्वारा अवगत कराया गया कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर की मूल डीपीआर में संपर्क मार्ग एवं विद्युत संयोजन का प्रावधान शामिल नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को शीघ्र अनुपूरक मांग पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे भविष्य में संचालन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर जनपद में तेंदुओं के संरक्षण और सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगा, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर की कुल लागत लगभग 14 करोड़ रुपये है। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव अस्पताल, क्वारेंटाइन सेल, नाइट सेल, रेस्क्यू सेल, वन्यजीव बाड़ा सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
निरीक्षण के अवसर पर डीएफओ निरंजन सुर्वे, एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, रेंजर मधवलिया अजीत भास्कर सहित वन विभाग एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।






