भीम” बने ब्लॉक प्रमुख — आधी रात गांव-गांव दौड़, बिजली विभाग को किया ‘हेलो-हेलो’, फिर भी ‘नॉट रीचेबल’ रहे अफसर!

जन एक्सप्रेस चित्रकूट/मानिकपुर/ जब पूरा गांव अंधेरे में डूबा था, तब मंचों पर भाषण देने वाले नहीं, बल्कि ब्लॉक प्रमुख अरविंद मिश्रा “भीम” की तरह कमर कसकर गांव-गांव दौड़ते नजर आए। आधी रात को उन्होंने मानिकपुर से लेकर मारकुंडी और टिकरिया तक के गांवों में जाकर बिजली की बदहाली का जायज़ा लिया। हर बिजली घर, हर लाइनमैन को फोन कर-करके कहा – “हेलो, मैं ब्लॉक प्रमुख बोल रहा हूं।” मारकुंडी लाइन को तो किसी तरह चालू कराया, लेकिन इसके बाद जैसे ही नेताजी के फोन बिजली विभाग तक पहुंचे, अधिकारियों ने मोबाइल नॉट रीचेबल कर लिया — मानो अंधेरे से बचने के लिए खुद भी गायब हो गए हों!
बिजली विभाग का जवाब: “बकाया बिल”
जब ब्लॉक प्रमुख से बात हुई तो उन्होंने खुलकर कहा – “बिजली विभाग से लगातार एक्शन में बात हो रही है। लेकिन गांवों में ज्यादातर घरों का बिल बकाया है, इसलिए आपूर्ति काट दी गई है।”
उन्होंने गांववालों से अपील की: बिल जमा करें, ताकि गांव में रोशनी लौटे। मैं प्रशासन से भी बात करूंगा कि समाधान निकले।”
सवाल बड़ा है:
कब तक जनता बिजली के इंतज़ार में रातें काटेगी?
क्या नेता सिर्फ चुनावी दौरों तक सीमित रहेंगे, या फिर अरविंद मिश्रा की तरह जमीनी हकीकत जानने खुद गांव में डेरा डालेंगे?ब्लॉक प्रमुख का ये ‘आधी रात दौरा’ अब चर्चा का विषय है – शायद यही पहल बाकी जनप्रतिनिधियों को भी उनकी ज़िम्मेदारी याद दिलाए।






