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उत्तराखंड में मौसम का कहर: टिहरी में भूस्खलन, 25 परिवार रेस्क्यू; चार जिलों में हाई अलर्ट जारी

नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट दून में निकली धूप, तापमान में बढ़ोतरी

जन एक्सप्रेस देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित थार्ती सरमोली गांव में मंगलवार रात हुए भूस्खलन से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। 25 परिवारों को सुरक्षित निकालकर गांव के स्कूल भवन में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने समय रहते रेस्क्यू कर हालात पर काबू पाया।भूस्खलन से रास्ते और सिंचाई गूलें भी ध्वस्त हो गई हैं। ग्राम प्रधान विकास बिष्ट के अनुसार, गांव में 30 से 40 मीटर तक ज़मीन में दरारें देखी गई हैं। कई मकानों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे पूरा इलाका खतरे की जद में है।

बडियार कुड़ा टोक में तबाही, खेतों में आई दरारें

दूसरी ओर, सरूणा ग्यारह गांव के बडियार कुड़ा टोक में बुधवार सुबह भारी बारिश के बाद गदेरा उफान पर आ गया, जिससे कई हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई है। खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

चार जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही, अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। हालांकि, गुरुवार से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी दर्ज की जा सकती है।

दून में खिली धूप, तापमान में बढ़ोतरी

देहरादून में बीते दिनों हुई बारिश से तापमान 23-24 डिग्री तक गिर गया था, लेकिन बुधवार को निकली धूप के चलते तापमान बढ़कर 30.8 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है।

ग्रामीणों की मांग: विस्थापन और पुनर्वास जरूरी

थार्ती सरमोली के ग्रामीणों ने 2019 से ही सरकार से विस्थापन और पुनर्वास की मांग की है। मौजूदा हालात ने इस मांग को और भी अधिक जरूरी बना दिया है। ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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