कहीं हम भूल न जाएं” : घुरेहटा में फुले–अंबेडकर विचारों से गूंजा सामाजिक परिवर्तन का मंच

जन एक्सप्रेस चित्रकूट | आभास महासंघ (मिशन 24 कैरेट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार भास्कर के नेतृत्व में ग्राम पंचायत घुरेहटा, जनपद चित्रकूट में सामाजिक क्रांति के पितामह महामना ज्योतिराव फुले एवं भारतीय संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर “कहीं हम भूल न जाएं” अभियान के अंतर्गत एक विशाल सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया।
महामना ज्योतिबा फुले के संघर्ष को किया गया स्मरण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय सत्येन्द्र कुमार गौतम जी ने महामना ज्योतिबा फुले के जीवन संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जातिगत अपमान की घटनाओं ने फुले साहब को मनुवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शूद्र-अतिशूद्र समाज के उत्थान के लिए फुले साहब ने शिक्षा के द्वार खोले और सामाजिक परिवर्तन की क्रांति की नींव रखी, जिसका प्रभाव आज भी समाज में दिखाई देता है।
बाबा साहब ने संविधान देकर समाज को ताकत दी : अजय कुमार त्यागी
दूसरे मुख्य अतिथि आदरणीय अजय कुमार त्यागी जी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के बल पर दासता की जंजीरों को तोड़ा और भारतीय संविधान का निर्माण कर समाज को अधिकारों से सशक्त किया। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार बाबा साहब का सबसे बड़ा उपहार है, जिसके सही उपयोग से समाज अपने दुख-कष्टों का अंत कर सकता है। शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी हथियार बताते हुए उन्होंने युवाओं से इसे अपनाने का आह्वान किया।
वोट की ताकत पहचानने का आह्वान
कार्यक्रम का कुशल संचालन कर रहे धर्मेन्द्र कुमार भास्कर ने कहा कि बाबा साहब द्वारा दिए गए मताधिकार को पहचानना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि वोट की रक्षा बेटी की इज्जत की तरह करनी चाहिए और उसे योग्य व ईमानदार व्यक्ति के हाथ सौंपना चाहिए, अन्यथा वही शासक बनकर अन्याय करेगा। अन्य वक्ताओं ने गैर-बराबरी, ऊंच-नीच, अंधविश्वास, पाखंडवाद, जातिवाद और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अपने विचार रखे तथा समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।कार्यक्रम में डॉ. ज्ञानचंद्र बौद्ध एवं उनकी टीम द्वारा बहुजन महापुरुषों के जीवन संघर्ष पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। प्रतिकूल मौसम, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन की सफलता को दर्शाया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में गोविन्द कुमार गौतम, नत्थू प्रसाद कुशवाहा (पूर्व प्रधान खजुरिया कला), रामप्रकाश प्रजापति (पूर्व प्रधान सिंहपुर) एवं भगवानदीन वर्मा (वरिष्ठ नेता, बसपा) मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगतपाल वर्मा (प्रधानपति, घुरेहटा) ने की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई समाजसेवियों का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रकाश वर्मा (पूर्व प्रत्याशी सदस्य जिला पंचायत), अंकित कुमार (जनसेवा केंद्र संचालक), अश्वनी कुमार वर्मा (तहसील अध्यक्ष मानिकपुर), मनीष कुमार भारतीय, छबिलाल नेता जी, सी. सिंह पटेल, अरुण कुमार नागवंशी, सर्वेश कुमार, हीरालाल, गोविंद कुमार, पुष्पेंद्र कुमार कोटार्य, वीरेन्द्र कुमार भास्कर, लवकुश कुमार भारती, विनोद कुमार रैकवार, हंसराज प्रजापति, पवन कुमार, रावेन्द्र कुमार, कु. मोनिका, रीता, संध्या, रविशंकर वर्मा, हीरालाल यादव, प्रमोद श्रीवास सहित सैकड़ों लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। “कहीं हम भूल न जाएं” कार्यक्रम ने फुले-अंबेडकर विचारधारा के माध्यम से समाज में शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। यह आयोजन सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में याद किया जाएगा।






