
जन एक्सप्रेस / हरिद्वार शांतिकुंज में 10 दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया। शिविर का उद्घाटन शैफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष समर कैंप में गायत्री विद्यापीठ के कक्षा 3 से 12वीं तक के चयनित छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए शैफाली पण्ड्या ने कहा कि भारतीय भाषाएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वाहक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा, भारतीय संस्कृति और उच्च जीवन मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे शिविर बच्चों में भाषाई दक्षता विकसित करने के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।शिविर की समन्वयक ने बताया कि दस दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अंतर्गत नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, भारतीय पर्व-त्योहारों के वैज्ञानिक महत्व तथा जीवन मूल्यों से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।इसके अलावा आधुनिक समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी जागरूकता, यातायात नियमों की जानकारी, फायर सेफ्टी तथा आत्मरक्षा संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कृति और जीवन कौशल से समृद्ध बनाना है।इस अवसर पर व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा, महिला मंडल की बहनें तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं के संरक्षण और युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के संकल्प के साथ शिविर का शुभारंभ किया गया।






