उत्तराखंड

भारत का संविधान सुदृढ़ एवं लोक कल्याणकारी दस्तावेज: राज्यपाल

देहरादून । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मंगलवार को राजभवन में अधिकारियों और कर्मचारियों को

संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संविधान में निहित कर्तव्यों और दायित्वों की शपथ दिलाई। इस अवसर पर राज्यपाल ने संविधान की उद्देशिका का पाठन किया।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने नये संविधान को स्वीकार किया था। बाद में यह संविधान 26 जनवरी 1950

में लागू हुआ था। तभी से हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस माैके पर राज्यपाल सिंह ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान के सभी निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और इसके समस्त शक्तियों का स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण के ऐतिहासिक कार्य में देश के महान मनीषियों के विचारों और परिश्रम से एक लोक कल्याणकारी संविधान की मजबूत संरचना संभव हुई थी।

राज्यपाल ने कहा कि यह दिन संविधान में निहित आदर्शों, सिद्धान्तों और कर्तव्यों के प्रति जागरुकता और समर्पण का दिन है। हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित दस्तावेज है, जो एक राष्ट्र के रूप में हमें मार्गदर्शन करता है। राज्यपाल ने नागरिकों से संविधान के अनुच्छेद 51(क) के तहत मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी राज्यपाल अमित कुमार सिरोही, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस. भदौरिया, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय सहित राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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