अयोध्या में रामलला की परिक्रमा मार्ग पर घर-घर लहराएंगी भगवा पताकाएं

जन एक्सप्रेस/अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब रामलला की परिक्रमा को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में अयोध्या प्रशासन और श्रद्धालुओं ने मिलकर एक विशेष निर्णय लिया है, जिसके तहत परिक्रमा मार्ग के घरों पर भगवा पताका लगाने की योजना बनाई गई है। इस फैसले का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करना है, बल्कि परिक्रमा मार्ग को एक भव्य और दिव्य स्वरूप देना भी है। श्रद्धालु जब रामलला की परिक्रमा करेंगे, तो उन्हें संपूर्ण मार्ग भगवा पताकाओं से सुसज्जित दिखाई देगा, जिससे वातावरण भक्तिमय और भावनात्मक रूप से ओतप्रोत हो जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। नगरवासियों का मानना है कि इससे अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी। प्रशासन भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियों में जुटा हुआ है। भगवा पताकाओं से सुसज्जित अयोध्या का यह भव्य दृश्य निश्चित रूप से श्रद्धालुओं को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा और रामलला की परिक्रमा को और अधिक दिव्य बना देगा।
विपक्षी पार्टी का क्या कहना है
अयोध्या में रामलला की परिक्रमा मार्ग पर भगवा पताकाएं लगाने के फैसले को लेकर जहां भक्तों और स्थानीय लोगों में उत्साह है, वहीं कुछ विपक्षी दलों और नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं। विरोधी दलों का कहना है कि सरकार को धार्मिक आयोजनों के बजाय जनता की बुनियादी समस्याओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और रोजगार पर अधिक ध्यान देना चाहिए। कुछ नेताओं ने इसे “धर्म के नाम पर राजनीतिकरण” करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार इस तरह के फैसलों से एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
हालांकि, सत्ताधारी दल और प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उनका मानना है कि रामलला की परिक्रमा मार्ग को भव्य रूप देने से अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ होगा। इस मुद्दे पर समाज में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां श्रद्धालु और राम भक्त इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ राजनीतिक दल इसे सरकारी प्राथमिकताओं से भटकाने वाला कदम मान रहे हैं।






