मगरमच्छ के आंसू’ नहीं चले! सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी खारिज कर बनाई एसआईटी

जन एक्सप्रेस : मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दाखिल माफी याचिका को खारिज करते हुए तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि “कभी-कभी माफ़ी केवल बचने का तरीका होती है, और कभी यह मगरमच्छ के आंसुओं जैसी लगती है।” कोर्ट ने इस मामले में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने के आदेश दिए हैं, जो मंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी और घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी।
क्या है मामला?
मामला कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मंत्री विजय शाह द्वारा की गई एक विवादित टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे लेकर देशभर में विरोध हुआ। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पहले ही मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए जांच की कमान एसआईटी को सौंप दी है। कोर्ट का रुख साफ है – संवेदनशील पद पर बैठे व्यक्ति के शब्दों की जिम्मेदारी होती है।
राजनीतिक हलचल तेज
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है, जबकि सत्तापक्ष अब तक रक्षात्मक मुद्रा में नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त रुख आने वाले समय में सियासी नज़ीर बन सकता है, और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर नई मिसाल भी।






