अमेठीउत्तर प्रदेशराज्य खबरें

एसडीएम पर हमला! दबंग महिलाओं ने पकड़ा गला, सरकारी गाड़ियों में की तोड़फोड़

जन एक्सप्रेस/अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ऐसा बवाल मचा कि अधिकारियों की जान पर बन आई। गौरीगंज की एसडीएम प्रीति तिवारी पर कार्रवाई के दौरान दबंगों ने हमला कर दिया। हैरानी की बात ये रही कि हमलावरों में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने न सिर्फ एसडीएम की सरकारी गाड़ी को घेर लिया, बल्कि उन्हें बाहर खींचकर गला पकड़ लिया! इस दौरान सरकारी गाड़ियों को भी निशाना बनाते हुए जमकर तोड़फोड़ की गई।

क्या है पूरा मामला?

मामला गौरीगंज तहसील क्षेत्र के माधोपुर गांव का है, जहां किसान भोलानाथ सिंह ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर एसडीएम प्रीति तिवारी अपनी राजस्व टीम के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचीं थीं। लेकिन जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, गांव के दबंगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। माहौल देखते ही देखते हिंसक हो गया।

महिलाएं अचानक एसडीएम पर झपट पड़ीं, उन्हें गाड़ी से बाहर खींच लिया गया और उनकी गर्दन दबोच ली गई। अफरातफरी के बीच एसडीएम किसी तरह खुद को छुड़ाकर वहां से निकल पाईं। वहीं, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सरकारी वाहनों पर पथराव और तोड़फोड़ भी की।

जान बचाकर भागी प्रशासनिक टीम

हमले के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि राजस्व टीम और एसडीएम को जान बचाकर भागना पड़ा। एसडीएम प्रीति तिवारी ने गौरीगंज थाने में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।

पहले भी विवादों में रही हैं एसडीएम प्रीति तिवारी

यह पहली बार नहीं है जब प्रीति तिवारी सुर्खियों में आई हैं। इससे पहले सितंबर में मुसाफिरखाना में तैनाती के दौरान एक महिला पत्रकार ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्रकार का आरोप था कि एसडीएम ने उसकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कराने में भूमिका निभाई थी। साथ ही अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया गया था।

प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार हमले, कानून व्यवस्था पर सवाल

यह घटना प्रदेश में उन कई मामलों की कड़ी है, जहां सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कोशिशों में अधिकारियों को हिंसा का सामना करना पड़ा है। सवाल यह है कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा इतनी कमजोर है कि दबंग उन पर दिनदहाड़े हाथ उठा लें? और क्या महिलाओं की आड़ में कानून तोड़ना अब एक नया चलन बन गया है?

पुलिस जांच में जुटी, लेकिन बड़ा सवाल बरकरार

फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक अमले की सुरक्षा, कानून के डर की कमी और दबंगों की हिम्मत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button