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जिम्मेदारी से निभाएं ड्यूटी, पारदर्शिता और गोपनीयता सर्वोपरि: डीएम स्वाति भदौरिया

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 880 पीठासीन व मतदान अधिकारियों को द्वितीय प्रशिक्षण

जन एक्सप्रेस

पौड़ी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में पीठासीन अधिकारियों को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 880 पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान शांति और गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी मतदाता को मोबाइल फोन, कैमरा या अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस के साथ मतदान केंद्र में प्रवेश न करने दिया जाए।

डीएम ने कहा कि मतदान की गोपनीयता भंग होना एक गंभीर मामला बन सकता है, जिससे बचना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशिक्षण या ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो अधिकारी बिना संकोच अपने वरिष्ठों से संपर्क करें। सभी कार्य राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए जाएं।

उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट से तत्काल सहायता ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त, आपदा या सड़क मार्ग अवरुद्ध होने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। डीएम ने यह भी कहा कि मतदान समाप्ति के बाद मतपेटिकाओं को सुरक्षित रूप से जमा कराना पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

प्रशिक्षण सत्र में नोडल अधिकारी प्रशिक्षण दीपक रावत ने मतदान प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि मतदान की पारदर्शिता एवं गोपनीयता बनाए रखना अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीठासीन अधिकारी पेपर सील की जानकारी लेखा डायरी में दर्ज करें, और यदि कोई मतदान अभिकर्ता सील की संख्या नोट करना चाहे तो उसे रोका न जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि मतपेटी तैयार होने के पश्चात, पीठासीन अधिकारी को अभिकर्ताओं या उम्मीदवारों को निर्वाचक नामावली दिखाकर गोपनीयता के नियमों से अवगत कराना चाहिए।

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