क्या राहुल-तेजस्वी-प्रियंका की तिकड़ी का ‘मिशन मिथिलांचल’ एनडीए

जन एक्सप्रेस / बिहार: बिहार में राहुल गांधी के साथ तेजस्वी वोट अधिकार यात्रा में प्रियंका गांधी भी मंगलवार को शामिल हुई अगले दो दिनों तक मिथिलांचल के इलाके में तीन की तिकड़ी राहुल-तेजस्वी-प्रियंका सियासी माहौल बनाने की कवायद करेगी. देखना है कि मिथिलांचल के इलाके में इंडिया ब्लॉक क्या सेंधमारी कर पाएगा बिहार में जैसे जैसे ‘वोट अधिकार यात्रा’ आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सियासी काफिला भी बढ़ता जा रहा है. यात्रा के दसवें दिन भी राहुल गांधी ने सुपौल के साथ अपनी यात्रा का आगाज किया, जहां उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं. अब अगले दो दिन तक प्रियंका गांधी बीजेपी-जेडीयू के बहुत मजबूत गढ़ माने जाने वाले मिथिलांचल बेल्ट में भी राहुल और तेजस्वी के साथ कदमताल कर सियासी माहौल बनाने की कवायद करती नजर आएंगी.
राहुल-तेजस्वी की यह यात्रा वोट अधिकार यात्रा मंगलवार को सुपौल शहर के हुसैन चौक से शुरू हुई. हुसैन चौक से होते हुए यह महावीर चौक, गांधी मैदान, लोहियानगर चौक, गौरवगढ़ स्थित डिग्री कॉलेज सुपौल से होते हुए मिथिलांचल के मधुबनी में प्रवेश करेगी. राहुल-तेजस्वी के साथ प्रियंका गांधी भी सियासी तिकड़ी को मिथिलांचल के इलाके में बीजेपी-जेडीयू के दुर्ग को भेदने की रणनीति माना जा रहा है. प्रियंका गांधी बिहार दौरा हरतालिका तीज के दिन शुरू हो रहा है, जब लाखों महिलाएं व्रत रखती हैं. यही वजह है कि प्रियंका महज यात्रा का हिस्सा नहीं बन रही थी, बल्कि महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति भी मानी जा रही है.
राहुल-तेजस्वी की वोट अधिकार यात्रा मिथिलांचल की बेल्ट में दाखिल हो चुकी है. प्रदेश के सात जिले में मिथिलांचल आते हैं जिसमें मुजफ्फरपुर, सुपौल, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और सहरसा शामिल हैं. बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 60 सीटें मिथिलांचल के इन सात जिलों की हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने मिथिलांचल की 60 में से 40 से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाबी हासिल कर चूकी थी आरजेडी और कांग्रेस को इन इलाकों गहरा झटका लगा था. यही वजह है कि राहुल-तेजस्वी के साथ प्रियंका गांधी भी बिहार के रणभूमि में उतरी हैं.
