
जन एक्सप्रेस देहरादून। एक धार्मिक पोस्ट पर 11वीं के छात्र द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने सोमवार रात राजधानी देहरादून का माहौल बिगाड़ दिया। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस टिप्पणी के विरोध में करीब 500 लोग बाजार चौकी क्षेत्र में एकत्र हो गए। नारेबाजी और सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। देर रात तक इलाके में पुलिस बल तैनात रहा।
\सोशल मीडिया से फैला तनाव, कई थानों की पुलिस तैनात
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, टिप्पणी वायरल होते ही यह संदेश व्हाट्सऐप के जरिए तेज़ी से फैला, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बाजार चौकी क्षेत्र में भीड़ इकट्ठा हो गई और नारेबाजी करने लगी। स्थिति को काबू में लाने के लिए पटेलनगर, डालनवाला, नेहरू कॉलोनी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर भेजी गई। पुलिस की समझाइश के बावजूद भीड़ पीछे नहीं हटी, जिसके बाद लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की गई।
जाम में फंसे राहगीर, पुलिस ने किया कॉम्बिंग ऑपरेशन
सड़क पर भीड़ जुटने से रात 9 से 10:30 बजे तक ट्रैफिक बाधित रहा, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने पूरा इलाका सील कर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। कुछ इलाकों में पुलिस ने घर-घर जाकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
आरोपी छात्र हिरासत में, सोशल मीडिया पर निगरानी
पुलिस ने टिप्पणी करने वाले छात्र को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ कंडारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, पर संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।
मुस्लिम संगठन ने की भाईचारे की अपील, की सख्त कार्रवाई की मांग
मुस्लिम सेवा संगठन के मीडिया प्रभारी रमीज राजा ने बयान जारी करते हुए कहा कि, “हर धर्म और आस्था का सम्मान करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज में अमन और भाईचारा बनाए रखना ज़रूरी है, पर अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम कानून के दायरे में रहकर विरोध करेंगे और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।”
प्रशासन की अपील: “सोशल मीडिया पर संयम बरतें
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि, “सोशल मीडिया पर किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना कानूनन अपराध है। सभी नागरिक संयम बरतें और अफवाहों से बचें।” पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है।






