ललित कला अकादेमी में तीन दिवसीय वेस्ट मटेरियल वर्कशॉप का आयोजन
स्वच्छता एक्शन प्लान के तहत ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का कला के माध्यम से संदेश

जन एक्सप्रेस/लखनऊ |संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के स्वच्छता एक्शन प्लान के अंतर्गत ललित कला अकादेमी, क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा अपने परिसर में तीन दिवसीय वेस्ट मटेरियल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य बेकार वस्तुओं के रचनात्मक उपयोग के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।कला विशेषज्ञ डॉ. किरण भारद्वाज के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण कनाडा से आए कलाकार सौम्या और सुरम्या रहे। दोनों कलाकारों ने प्रतिभागियों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर पुराने कलश और गमलों पर गणेश प्रतिमा, मानव आकृतियां, पोर्ट्रेट सहित विभिन्न कलाकृतियों का सृजन किया।
कचरे से बनीं कलाकृतियां, स्वच्छ भारत का संदेश
कार्यशाला के दौरान कलाकारों ने पुराने कलश और गमलों पर कपड़े की वेस्ट कतरनों को सुई-धागे से सिलकर आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं। इन रचनाओं के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अनुपयोगी समझी जाने वाली वस्तुएं भी रचनात्मक सोच से उपयोगी और सुंदर बनाई जा सकती हैं।इस अवसर पर क्षेत्रीय सचिव, ललित कला अकादेमी, लखनऊ ने कहा कि यह कार्यशाला स्वच्छता एक्शन प्लान के तहत आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘कचरे से समृद्धि (Waste to Wealth)’ की अवधारणा को बढ़ावा देना है। कला के माध्यम से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना इस आयोजन की प्राथमिकता है। महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को कला के जरिए जीवंत किया जा रहा है।
विभिन्न संस्थानों के छात्र ले रहे सहभागिता
यह कार्यशाला 24 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसमें नगर के कई कलाकारों के साथ-साथ कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, लखनऊ विश्वविद्यालय, ललित कला विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय, गोयल इंस्टिट्यूट सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र सक्रिय रूप से भाग लेकर कलाकृतियों का निर्माण कर रहे हैं।
कला के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक
ललित कला अकादेमी की यह पहल कला और स्वच्छता को जोड़ते हुए समाज को यह संदेश देती है कि रचनात्मकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा दी जा सकती है।






