उत्तर प्रदेशचित्रकूट

खटारा 108 एंबुलेंस ने ली मरीज की जान!

रास्ते में जवाब दे गई सरकारी एंबुलेंस, तड़पता रहा मरीज, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत

जन एक्सप्रेस /मानिकपुर (चित्रकूट)।(हेमनारायण हेमू):सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। मानिकपुर क्षेत्र में 108 एंबुलेंस सेवा की खटारा हालत के चलते एक बीमार मरीज की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि अगर एंबुलेंस समय पर और सही हालत में होती, तो आज उनके परिवार का सदस्य जिंदा होता।प्राप्त जानकारी के अनुसार हनुमान प्रसाद सिंह, निवासी इन्द्रानगर मानिकपुर, गंभीर रूप से बीमार थे। परिजनों ने तत्काल सरकारी 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस देरी से मौके पर पहुंची, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली घटना इसके बाद हुई।मरीज को लेकर एंबुलेंस जैसे ही अस्पताल की ओर चली, रास्ते में अचानक एंबुलेंस खराब हो गई। एंबुलेंस बीच रास्ते खड़ी हो गई और मरीज अंदर ही तड़पता रहा। काफी देर तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने मजबूरी में आनन-फानन में एक प्राइवेट गाड़ी का इंतजाम किया और अपने पिता को मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।एंबुलेंस ड्राइवर ने बताया कि“गाड़ी अचानक खराब हो गई थी, आगे बढ़ ही नहीं रही थी। इसके बाद परिजन मरीज को प्राइवेट गाड़ी से ले गए।”

मृतक के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर एंबुलेंस रास्ते में खराब नहीं होती, अगर समय पर पहुंचती, तो हमारे पिता की जान बच सकती थी। यह सीधी-सीधी लापरवाही है।”मृतक पुत्र हेमराज सिंह ने खटारा एंबुलेंसों को सड़कों पर दौड़ाने और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।बड़ा सवालजब 108 एंबुलेंस जैसी जीवन रक्षक सेवा खुद ही दम तोड़ दे, तो आम जनता किसके भरोसे रहे?क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और 108 एंबुलेंस सेवा की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष कृतकेश्वर मिश्रा ने कहा कि“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है कि जिस एंबुलेंस सेवा का मकसद लोगों की जान बचाना है, वही सेवा आज जान लेने का कारण बन रही है। लापरवाही के चलते एक व्यक्ति की मौत हो जाना शासन-प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।”उन्होंने आगे कहा कि“108 जैसी जीवन रक्षक सेवा का खटारा हालत में चलना सीधे-सीधे आम जनता की जान से खिलवाड़ है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल व्यवस्था में सुधार करना चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”

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