24 घंटे के भीतर भर्ती दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को मिलेगा लाभ: डा. भूपेश द्विवेदी
कैशलैस ट्रीटमेंट आफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम स्कीम का चिकित्साधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सडक दुर्घटना से सम्बन्धित कैशलैस ट्रीटमेंट आफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम स्कीम से सम्बन्धित प्रशिक्षण का आयोजन सीएमओ डॉक्टर भूपेश द्विवेदी की अध्यक्षता में किया गया जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा भूपेश द्विवेदी, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डा० एन० के० जतारिया, चिकित्सा अधीक्षक-पहाडी, शिवरामपुर, मानिकपुर, अमित श्रीवास्तव ई-डार मैनेजर-एन०आई०सी०, चित्रकूट, डी०आई०यू० से दीपक गौतम, डा० राजकमल, प्रशान्त श्रीवास्तव, पुलिस विभाग से निजी चिकित्सालय- संजीवनी चिकित्सालय से डा० रोहित गुप्ता, डी०पी०सी०-विष्णुदत्त एवं चिकित्सालयों के आरोग्य मित्र मौजूद रहे। प्रशिक्षण में सीएमओ डॉक्टर द्विवेदी द्वारा बताया गया कि उक्त योजना भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाईवेज द्वारा 05. मई 2025 से आरम्भ की गई है, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त होने वाले मरीज चाहे वह भारत का नागरिक हो अथवा विदेशी नागरिक हो, को दुर्घटना से 24 घण्टे के भीतर नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना अनिवार्य है। दुर्घटना होने के 24 घण्टे बाद आने वाले मरीज इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दुर्घटनाग्रस्त मरीज को पुलिस / राहगीर/परिजन/अन्य किसी के माध्यम से नजदीकी चिकित्सालय तक पहुंचाया जायेगा जहां पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत ई-डार आई०डी० के माध्यम से मरीज को अधिकतम 07 दिन तक चिकित्सालय में भर्ती रखकर अधिकतम रू0 1.50 लाख तक की सीमा तक निःशुल्क उपचार किया जायेगा। योजना अन्तर्गत प्रति व्यक्ति प्रति दुर्घटना रू0 1.50 लाख तक की सीमा तक का प्रावधान है। ई-डार आई०डी० निरस्त होने अथवा दुर्घटना प्रमाणिक न होने पर मरीज 03 दिन स्वतः ही पोर्टल से डिस्चार्ज हो जायेगा।






