सोमनाथ पराक्रम और वीरता का साक्षी है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
शौर्य सभा में बोले पीएम—आक्रांत आते रहे, लेकिन सोमनाथ हर युग में पुनः स्थापित होता रहा

जन एक्सप्रेस/ सोमनाथ(गुजरात)। लखनऊ:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय, धैर्य और पुनर्निर्माण का इतिहास है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर हमारे पूर्वजों के पराक्रम, त्याग और बलिदान का जीवंत साक्षी है।सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित शौर्य सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आक्रांताओं ने बार-बार हमला किया, लेकिन हर युग में सोमनाथ और अधिक शक्ति के साथ पुनः स्थापित हुआ।1000 साल पहले आक्रांत सोच रहे थे कि जीत गए, लेकिन…प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“आज यहां खड़े होकर मन में यह प्रश्न उठता है कि ठीक 1000 वर्ष पहले इस भूमि पर क्या दृश्य रहा होगा। हमारे पुरखों ने अपनी आस्था, अपने विश्वास और अपने महादेव के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आक्रांत सोच रहे थे कि वे जीत गए हैं, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर लहराती ध्वजा पूरी दुनिया को भारत की शक्ति और सामर्थ्य का संदेश दे रही है।”
हर कण में साहस और शौर्य की गूंज
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ की भूमि का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है। इतनी सदियों तक चले संघर्ष, धैर्य और पुनर्निर्माण का ऐसा उदाहरण विश्व इतिहास में दुर्लभ है।सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गर्व और अध्यात्म का संगम प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गर्व और गौरव का उत्सव है वैभवशाली विरासत का स्मरण है अध्यात्म और आस्था की अनुभूति है उन्होंने कहा कि इस पर्व में अनुभव, आनंद, आत्मीयता और सबसे बढ़कर महादेव का आशीर्वाद समाहित है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित शौर्य यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा उन असंख्य वीरों को समर्पित है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक सवारी शामिल रही, जिसे वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।उन्होंने मंदिर में चल रहे विशेष मंत्र जाप में भी सहभागिता की और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
वीर शहीदों और सरदार पटेल को नमन
प्रधानमंत्री नेसोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की 1299 ईस्वी में मंदिर की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया
ड्रोन शो में दिखा अखंड सोमनाथ, अखंड भारत
प्रधानमंत्री की उपस्थिति में सोमनाथ मंदिर न्यास द्वारा विशेष ड्रोन और ऑडियो-विजुअल शो का आयोजन किया गया।आधुनिक तकनीक से इतिहास और अध्यात्म के महत्वपूर्ण क्षणों का चित्रण किया गया, वहीं आसमान में ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ का दृश्य उकेरा गया।
हजार वर्षों की स्मृति, स्वाभिमान का उत्सव
गौरतलब है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन 1026 ईस्वी में हुए पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।
यह पर्व न केवल इतिहास का स्मरण है, बल्कि भारत की अडिग आस्था, सांस्कृतिक शक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है।






