नेपाल: त्रिवेणी में धाम में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
बार्डर पर एसएसबी और कोतवाली पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा

जन एक्सप्रेस।/महराजगंज: भारतीय सीमा से सटे पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के त्रिवेणी धाम गंगा संगम में प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन पुण्य और आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। नेपाल प्रवेश करने से पूर्व भारतीय श्रद्धालुओं को ठूठीबारी बार्डर के मुख्य प्रवेश द्वारा पर चेकिंग प्वाइंट पर इंट्री कराने और नेपाल के महेशपुर भंसार कार्यालय पर वाहनों की भंसार कराने को लेकर लोगो का तांता लग गया।

रविवार को मौनी अमावस्या के दिन नेपाल राष्ट्र के त्रिवेणी गंगा संगम धाम में पुण्य और आस्था की डुबकी लगाने और मेला आनंद लेने के लिए शहर से लेकर गांव तक के लोग निजी साधन बस, ट्रैक्टर ट्राली, मोटरसाइकिल और साइकिल के अलावा पैदल जाने वाले लोग सिर पर गठरी लेकर त्रिवेणी स्नान के लिए जाते हुए दिखे। त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए बिहार, यूपी और नेपाल के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु सुविधानुसार ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, बस और निजी साधन से पहुंचे हैं। बताते चले की पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। अनुमान लगाए गया कि करीब पांच लाख से अधिक भक्त गंडक नदी के त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाई होगी। परंपरा के मुताबिक स्नान करने के बाद कई भक्त यहां गौदान करते हैं, और मौन रहकर इस पूजा की सफलता की कामना करते हैं। इस दौरान वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगल के बीच स्थित कौलेश्वर और जयशंकर शिव मंदिर में भक्त पूजा अर्चना करने के साथ जलाभिषेक भी करते हैं। इंडो नेपाल सीमा पर आवागमन बढ़ने से ठूठीबारी तैनात में 22वीं बटालियन के एसएसबी जवानों और कोतवाली पुलिस प्रशासन द्वारा चौकसी तेज कर दी गई, साथ हीं भारत से नेपाल और नेपाल से भारत आने जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के सामानों और वाहनों की जांच पड़ताल के बाद ही उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश करने की इंट्री दी जा रही है।






