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दर्द में भी दिखी जनप्रतिनिधि की संवेदना: पैर फ्रैक्चर के बावजूद पीड़ित परिवार से मिले विधायक अविनाश द्विवेदी

जन एक्सप्रेस /चित्रकूट: चित्रकूट जनपद के बरगढ़ थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय मासूम आयुष केसरवानी की अपहरण के बाद निर्मम हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक वारदात से न सिर्फ पीड़ित परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र शोक और आक्रोश में डूबा हुआ है। हर आंख नम है और हर दिल इस नन्हे बच्चे को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।

इसी बीच मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक अविनाश चंद द्विवेदी ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। गंभीर रूप से पैर फ्रैक्चर होने और चिकित्सकों द्वारा पूर्ण बेड रेस्ट की सलाह दिए जाने के बावजूद विधायक स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।

अपहरण के बाद हत्या से दहला इलाका

जानकारी के अनुसार, कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय पुत्र आयुष केसरवानी का कुछ दिन पहले अपहरण कर लिया गया था। परिजन लगातार उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन जब हत्या की सूचना सामने आई तो पूरा परिवार टूट गया।

इस घटना के बाद क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया। स्थानीय लोग स्तब्ध हैं कि आखिर इतनी छोटी उम्र के मासूम के साथ इतनी क्रूरता कैसे की जा सकती है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अपराधियों ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।

स्वास्थ्य की परवाह नहीं, पीड़ित के साथ खड़े रहे विधायक

विधायक अविनाश द्विवेदी का हाल ही में पैर फ्रैक्चर हुआ था। चिकित्सकों ने उन्हें चलने-फिरने से सख्त परहेज और पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी। इसके बावजूद जब उन्हें अपने क्षेत्र में इस जघन्य घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने शारीरिक पीड़ा को पीछे छोड़ते हुए पीड़ित परिवार से मिलना जरूरी समझा।

बैसाखी और सहारे के साथ विधायक पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उनकी मौजूदगी ने शोक में डूबे परिजनों को कुछ मानसिक संबल दिया। उन्होंने मृतक बालक के पिता अशोक केसरवानी और अन्य परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।

न्याय का भरोसा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान विधायक अविनाश द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय और अमानवीय है। उन्होंने कहा—

“इस जघन्य अपराध में शामिल कोई भी दोषी कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहेगा। पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा है, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

प्रशासन से सतत निगरानी की मांग

विधायक अविनाश द्विवेदी ने प्रशासन से अपील की कि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करने की बात कही कि—

  • जांच पारदर्शी हो

  • दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए

  • पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए

उनका कहना था कि कानून का भय अपराधियों के मन में होना चाहिए, तभी ऐसे मामलों पर रोक लग सकती है।

🤝 मानवीय पहल की हो रही सराहना

विधायक के इस कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई जनप्रतिनिधि अपने स्वास्थ्य की चिंता छोड़कर पीड़ित परिवार के दुख में शामिल होता है, तो इससे जनता का भरोसा और मजबूत होता है।

ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि मानिकपुर की जनता ने जिस विश्वास के साथ अविनाश द्विवेदी को चुना है, उन्होंने इस कठिन समय में उस भरोसे को निभाया है।

क्षेत्र में शोक, हर आंख नम

आयुष केसरवानी की मौत ने पूरे कस्बे को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोग अभी भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। बाजारों, मोहल्लों और गांवों में हर जगह एक ही चर्चा है—मासूम को आखिर क्यों मारा गया?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए नजीर बने।

अब सभी की निगाहें जांच पर

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है। लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों को कितनी जल्दी कानून के कठघरे में लाया जाता है।

पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि विधायक के हस्तक्षेप और प्रशासन की तत्परता से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा और उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।

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