जौनपुर की डॉ. हनीफा सिद्दीकी ने एमसीएच में हासिल की दुर्लभ सफलता

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र के ग्राम बरंगी की मूल निवासी डॉ०हनीफा फुआद असद सिद्दीकी ने देश के प्रतिष्ठित सुपर स्पेशलिटी कोर्स एमसीएच हेड एंड नेक ऑनको सर्जरी में चयनित होकर जनपद का नाम रोशन किया है। इस कठिन कोर्स में पूरे देश में लगभग 29 सीटें ही होती हैं, जिनके लिए हजारों डॉक्टर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
डॉ०हनीफा सिद्दीकी की इस उपलब्धि से क्षेत्र और परिवार में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि वह संभवतः महाराष्ट्र की पहली और भारत की दूसरी मुस्लिम महिला डॉक्टर हैं जिन्हें इस दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में प्रवेश मिला है। डॉ०हनीफा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च (आईआईएमएसआर), औरंगाबाद से एमबीबीएस की पढ़ाई की, जबकि टोपीवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं बीवाईएल नायर हॉस्पिटल, मुंबई से एमएस (ईएनटी) की डिग्री हासिल की।
डॉ०हनीफा के पति डॉ०फुआद असद सिद्दीकी प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। उनके पिता आफताब अहमद और माता गुड़िया आफताब शेख ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन ने आज यह मुकाम दिलाया है। जैसे ही यह खबर शाहगंज क्षेत्र के बरंगी गांव पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बेटी की सफलता पर गर्व जताया।
बताया जाता है कि डॉ०हनीफा की प्रारंभिक शिक्षा मानी कलां स्थित डॉ. वकील नजीर इंटर कॉलेज से हुई। कॉलेज के संस्थापक डॉ. वकील अहमद के अनुसार, हनीफा बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी थीं। आगे की पढ़ाई के लिए उनके पिता उन्हें मुंबई ले गए, जहां से उन्होंने मेडिकल शिक्षा पूरी की और आज यह मुकाम हासिल किया।
इस उपलब्धि पर उनके ससुर असद सिद्दीकी सहित निसार अहमद, तुफैल अहमद, मिर्जा इमरान बेग, हाजी खुर्शीद अहमद, डॉ. वकील अहमद, डॉ. शमीम अहमद, डॉ. शकील अहमद, शहनवाज अहमद, सदाब अहमद और शाहबाज अहमद समेत अनेक लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






