
जन एक्सप्रेस/चम्बा: उत्तराखंड के गांवों में सामाजिक चेतना और सुधार की एक नई लहर दिखाई दे रही है। विकासखंड चम्बा के अंतर्गत आने वाली सोदकोटी ग्राम पंचायत ने युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने और गांव में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए एक कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
ग्राम प्रधान मंगल सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों ने नशे से होने वाले सामाजिक नुकसान पर गंभीर चर्चा की। बैठक का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि गांव के किसी भी सामाजिक कार्यक्रम, चाहे वह शादी-विवाह हो या मुंडन संस्कार, वहां शराब और बीयर का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
कड़े नियम और जुर्माने का प्रावधान
ग्रामीणों ने केवल प्रतिबंध ही नहीं लगाया, बल्कि इसे सख्ती से लागू करने के लिए दंड का प्रावधान भी किया है:
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जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर 11,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
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सामाजिक बहिष्कार: यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गाली-गलौज या शोर-शराबा करता है, तो उसे सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा।
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डीजे पर रोक: शादी समारोहों में डीजे बजाने की समय सीमा रात 12 बजे तक तय की गई है।
ग्राम समाज सुधार समिति का गठन
इस मुहिम को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसकी कमान महिलाओं और युवाओं के हाथ में दी गई है:
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अध्यक्ष: सुनीता देवी
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उपाध्यक्ष: सुदर्शन सिंह
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सचिव: उत्तम सिंह
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कोषाध्यक्ष: मनोज सिंह
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम को मिला समर्थन
ग्रामीणों ने इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सुशील बहुगुणा द्वारा चलाई जा रही “शराब नहीं संस्कार” मुहिम की सराहना की। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे फैसलों से न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि गांव का माहौल भी संस्कारित बनेगा।






