आजमगढ़: पुलिस मुठभेड़ में वांछित अभियुक्त घायल, गोवध मामले में गिरफ्तारी

जन एक्सप्रेस/आजमगढ़: आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण और गोवध की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 17 मार्च 2026 को ग्राम इमलीपुर में एक खेत में प्रतिबंधित पशु की मुंडी और खाल मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस मामले में स्थानीय निवासी जयप्रकाश यादव की तहरीर पर थाना बिलरियागंज में गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर सलमान, तबरेज, सरफराज और मेराज नामक आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उनकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी।
इसी क्रम में 27 और 28 मार्च की रात पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त तबरेज जलालुद्दीन पट्टी मार्ग से छिछोरी की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि, आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की।
पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी फायरिंग करता रहा, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज भेज दिया।
पूछताछ में घायल अभियुक्त ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से गोवध की घटनाओं को अंजाम देता था। उसने कबूल किया कि 16-17 मार्च की रात सभी आरोपी ग्राम इमलीपुर पहुंचे, जहां एक प्रतिबंधित पशु को चोरी कर उसका वध किया गया और पहचान छिपाने के लिए मुंडी व खाल को वहीं छोड़ दिया गया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे और लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है। इस मामले में गोवध निवारण अधिनियम के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले भी इसी तरह के मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और उच्च अधिकारियों के पर्यवेक्षण में थाना बिलरियागंज पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।






