जौनपुर के विकास को मिली नई दिशा: ‘दिशा’ बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने बनाई बड़ी रणनीति

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर : जनपद के चहुंमुखी और समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (‘दिशा’ – DISHA) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के दिग्गज सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर नजर आए।
मतभेद भुलाकर विकास के लिए एकजुट हुए जनप्रतिनिधि
इस ‘दिशा’ बैठक की सबसे खास बात यह रही कि विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने अपने दलीय मतभेदों को किनारे रखकर केवल जौनपुर के विकास के मुद्दों पर कड़ा रुख और एकजुटता दिखाई।
बैठक में मौजूद माननीय सांसदों ने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की और जरूरी सुझाव दिए:
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राज्यसभा सांसद: श्रीमती सीमा द्विवेदी
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सदर लोकसभा सांसद: श्री बाबू सिंह कुशवाहा
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मछलीशहर सांसद: सुश्री प्रिया सरोज
विधायकों ने उठाईं अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं
बैठक में मौजूद विधायकों ने जनता की आवाज बुलंद करते हुए अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं, जैसे- सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुखता से अधिकारियों के सामने रखा।
प्रमुख वक्ता और जनप्रतिनिधि:
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विधायक रमेश सिंह, आर.के. पटेल, लकी यादव, जगदीश नारायण राय और डॉ. रागिनी सोनकर।
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एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’ और नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य ने भी शहरी व ग्रामीण विकास से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर अपनी बात मजबूती से रखी।
प्रशासन का वादा: ‘पारदर्शिता के साथ होगा विकास’
जनप्रतिनिधियों की चिंताओं और सुझावों को सुनने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त और सकारात्मक रुख अपनाया:
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुंवर अनुपम सिंह ने संयुक्त रूप से सभी को आश्वस्त किया कि शासन द्वारा चलाई जा रही सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया जाएगा। विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और अधूरे प्रोजेक्ट्स में तेजी लाई जाएगी।
क्या होती है ‘दिशा’ (DISHA) बैठक?
नए पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि ‘दिशा’ बैठक केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही बुनियादी ढांचागत और जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे- मनरेगा, पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन आदि) की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित की जाती है। इसमें जिले के सभी बड़े अधिकारी और चुने हुए जनप्रतिनिधि बैठकर समीक्षा करते हैं।






