हरदोई के युवा व राज्यमंत्री के वेटे ने गांव में बना दिया बायोगैस प्लांट
गोबर और गन्ने की खोई से बनी गैस से दौड़ रहीं गाड़ियां

जन एक्सप्रेस/हरदोई: इजरायल अमेरिका और ईरान में हो रहे युद्ध के चलते ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया की तेल और गैस सप्लाई अभी तक बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की खबरों के बीच, उत्तर प्रदेश के एक युवा ने अपने गांव में ही बायोगैस का प्लांट लगा दिया, जो रोजाना 2.4 टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन कर रहा है।
यूपी के हरदोई जिले का रहने वाला ये युवा कोई मामूली नहीं, बल्कि ब्रिटेन से पढ़ाई किया हुआ है। 29 साल के आदी उपेंद्र तिवारी ब्रिटेन से एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले एक उद्यमी और यूपी सरकार में राज्यमंत्री रजनी तिवारी के बेटे भी हैं। आदि उपेंद्र तिवारी ने बायोगैस का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो रोजाना करीब 2.4 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन कर रहा है। उपायुक्त (उद्योग) हर्ष प्रताप सिंह ने बताया कि गाय के गोबर, गन्ने की खोई और फसल अवशेषों से तैयार ये गैस गाड़ियों में सीएनजी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रही है।
इसके साथ ही इसे घरेलू इस्तेमाल के लिए पाइप के जरिए सप्लाई की जाने वाली रसोई गैस (PNG) के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है आदी उपेन्द्र तिवारी ने भैलामऊ गांव के पास ये बायोगैस प्लांट स्थापित किया है। उनकी इस पहल से प्रतिदिन 2.4 टन सीबीजी का उत्पादन हो रहा है, जो स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। श्री तिवारी ने बताया कि निकट भविष्य में प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 12 टन प्रतिदिन करने की योजना है।






