चित्रकूट में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर हमला, बोले— गौ माता की रक्षा में पूरी तरह विफल शासन

जन एक्सप्रेस/ चित्रकूट: Swami Avimukteshwaranand Saraswati की गौ-रक्षा एवं धर्म यात्रा मंगलवार को चित्रकूट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया। बरगढ़ सीमा में प्रवेश करते ही पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच उनका अभिनंदन किया गया।
यात्रा के दौरान आयोजित धर्मसभा में शंकराचार्य ने गौ-रक्षा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार गौ माता की रक्षा करने में विफल रही है और देश में लगातार गोहत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं।
शंकराचार्य ने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि “राष्ट्रमाता” है, जिसे विशेष संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और सड़कों पर घूम रही गायों की जिम्मेदारी सरकार तय करे।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “गाय ने ऐसा कौन सा पाप किया है कि उसे वैध और अवैध के नाम पर कटने के लिए छोड़ दिया जाए?”
गौ-रक्षा यात्रा का बरगढ़, मऊ, देऊंधा, भौंरी, कर्वी, बेड़ी पुलिया और भरतकूप सहित कई क्षेत्रों में जोरदार स्वागत किया गया। Chitrakoot में प्रयागराज रोड स्थित सत्संग भवन में विशाल धर्मसभा आयोजित हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुत्व की बात करने वाली सरकारों को केवल बयानबाजी नहीं बल्कि गौ-रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर अब भी बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं और गोवंश की सुरक्षा के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं हो रहे।
उन्होंने कहा कि गौ-रक्षा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का मूल आधार है और समाज को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से गौसेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। शंकराचार्य ने घोषणा की कि गौ-रक्षा का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।






