उत्तरकाशीउत्तराखंड

सूचना अधिकार से बौखलाहट या पारदर्शिता का अभाव? ऊर्जा निगम मनेरी भाली प्रथम परियोजना तिलौथ पर उठे सवाल

जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :  तिलौथ क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ऊर्जा निगम मनेरी भाली प्रथम परियोजना के अधीन आता है। करोड़ों रुपये की बिजली उत्पादन करने वाली इस परियोजना के पास विशाल भूमि एवं संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन वर्षों से कुटेटी रोड, परियोजना क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, विभागीय कॉलोनियों, सड़कों के रखरखाव तथा CSR निधि के जनहित में उपयोग जैसे विषयों पर स्थानीय जनता के मन में अनेक प्रश्न बने हुए हैं। इन्हीं विषयों की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से आज ॐ छात्र संगठन के युवा साथी—विनय मोहन चौहान (अध्यक्ष छात्रसंघ), आयुष बिष्ट (विश्वविद्यालय प्रतिनिधि), शुभम चमोली (सचिव छात्रसंघ), भगवान सिंह चौहान (पूर्व सह सचिव छात्रसंघ) एवं अन्य साथी ऊर्जा निगम मनेरी भाली प्रथम परियोजना, तिलौथ कार्यालय पहुंचे तथा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन पत्र बाय हैंड जमा कराने एवं अधिकारियों से मिलने का प्रयास किया। युवाओं का आरोप है कि सूचना अधिकार आवेदन की जानकारी मिलते ही विभाग के कुछ अधिकारियों का रवैया असहयोगात्मक हो गया। शालीनता पूर्वक मिलने का अनुरोध करने के बावजूद उन्हें रोका गया तथा अधिशासी अभियंता महिष्पाल द्वारा एक युवा साथी से “तू आतंकवादी लगता है” जैसे आपत्तिजनक शब्द कहे गए। साथ ही बिना आधार कार्ड किसी अधिकारी से न मिलने देने की बात भी कही गई। यह घटनाक्रम विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता एवं सूचना के अधिकार के प्रति उसके दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि विभाग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो सूचना मांगने वाले जागरूक नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए तथा मांगी गई सूचनाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

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