
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलास्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया, जहां जिले में चल रही प्रमुख परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था, जनसंख्या और विकास गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज और लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ सेक्शन रोड के पुनर्निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के साथ पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों और आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पर भी चर्चा हुई।
सिंचाई विभाग की योजनाओं, नहरों और लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। मुनि की रेती में 40 करोड़ रुपये की वर्षा जल निकासी परियोजना और चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर अतिरिक्त उपायों की जरूरत बताई गई।
राजकीय पॉलिटेक्निक नई टिहरी के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने और मालरोड के सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई, जबकि नरेंद्रनगर सीवर योजना में 55 प्रतिशत प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल मांग और बजट की कमी को चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया।
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एसटीपी और होटलों के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली पर भी चर्चा हुई। साथ ही स्वरोजगार बढ़ाने के लिए फूड कार्ट, डेयरी, मशरूम, ड्रैगन फ्रूट और मत्स्य पालन जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक से पहले मुख्य सचिव ने टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजनाओं की समीक्षा भी की। टिहरी झील क्षेत्र में सतत और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकास के लिए छह क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




