
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी :- विकासखंड जाखणीधार की ग्राम पंचायत कस्तल में आज भी रसोई गैस की होम डिलीवरी सुविधा नहीं पहुंच सकी है। गांव के लिए गैस वितरण का विस्तार पटल (Delivery Route) स्वीकृत न होने के कारण ग्रामीणों को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर घनसाली गैस गोदाम तक जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे समय, श्रम और आर्थिक नुकसान तीनों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से गांव को गैस वितरण विस्तार पटल में शामिल करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
35 परिवारों के पास कनेक्शन, फिर भी नहीं मिल रही होम डिलीवरी
करीब 650 की आबादी वाले कस्तल गांव में लगभग 35 परिवार पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान घनसाली स्थित इंडेन गैस एजेंसी से गैस कनेक्शन ले चुके हैं। इसके बावजूद गांव तक गैस वाहन नहीं पहुंचता और उपभोक्ताओं को स्वयं सिलेंडर लेकर घनसाली जाना पड़ता है।
ग्रामीण नत्थी सिंह चौहान, अनिल राणा और मकर सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर भरवाने में पूरा दिन लग जाता है। कई बार परिवहन की सुविधा नहीं मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है या अन्य लोगों के माध्यम से सिलेंडर मंगवाना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है।
स्कूलों की मिड-डे मील व्यवस्था भी प्रभावित
इस समस्या का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय कस्तल और प्राथमिक विद्यालय सिल्ला में मिड-डे मील योजना के लिए शिक्षकों को निजी खर्च पर घनसाली से गैस सिलेंडर भरवाकर लाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिक्षकों को सुबह तड़के निकलना पड़ता है, जिससे विद्यालय का नियमित कार्य भी प्रभावित होता है। यदि गांव तक गैस वाहन पहुंचे तो विद्यालयों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने उठाई नियमित होम डिलीवरी की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकांश गांवों में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी उपलब्ध है, तब कस्तल जैसे गांव का इस सुविधा से वंचित रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की है कि ग्राम पंचायत कस्तल को शीघ्र गैस वितरण के विस्तार पटल में शामिल कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
क्या बोले जिला पूर्ति अधिकारी?
जिला पूर्ति अधिकारी सुनील प्रसाद बडोनी ने बताया कि वर्तमान में घनसाली गैस एजेंसी का कस्तल गांव के लिए कोई वितरण विस्तार पटल स्वीकृत नहीं है। उन्होंने कहा कि एजेंसी से कस्तल सहित अन्य आवश्यक क्षेत्रों के लिए विस्तार पटल का प्रस्ताव मंगाया जाएगा और नियमानुसार स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।






