कानपुर में रिटायर्ड फौजी के प्लॉट पर कब्जे का आरोप, KDA से मिलीभगत का दावा; CM से न्याय की गुहार

जन एक्सप्रेस/कानपुर :- देश की सेवा कर चुके एक सेवानिवृत्त सैनिक का परिवार अपने प्लॉट पर कथित कब्जे के प्रयास को लेकर पुलिस और कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) के अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस के साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी किए जाने की बात कही है।
मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र के महोली गांव निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी विष्णु पाण्डेय से जुड़ा है। परिवार के मुताबिक, विष्णु की सास पुष्पा ने कई वर्ष पहले दहेज में सनिगवां स्थित 148 वर्ग गज का प्लॉट उन्हें दिया था। नौकरी के दौरान अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग होने के कारण विष्णु लंबे समय तक कानपुर से बाहर रहे और प्लॉट की नियमित देखरेख नहीं कर सके।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद जब विष्णु और उनकी पत्नी उपासना प्लॉट पर पहुंचे तो उन्हें बगल में स्थित आर्मी डेंटल केयर हॉस्पिटल के संचालक रविकांत पटेल द्वारा प्लॉट पर कब्जे के प्रयास की जानकारी हुई।
उपासना पाण्डेय का आरोप है कि उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें कथित तौर पर प्रभाव और पहुंच का हवाला देकर डराने का प्रयास किया गया। इसके बाद परिवार ने सनिगवां चौकी प्रभारी को लिखित शिकायत देने के साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।
KDA की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
उपासना पाण्डेय ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक द्वारा कथित तौर पर KDA के मानकों की अनदेखी करते हुए बहुमंजिला निर्माण कराया गया है। उनका दावा है कि अस्पताल के पीछे रास्ता दिखाने के लिए उनके प्लॉट की दीवार गिराई गई।
उपासना के मुताबिक, उन्होंने KDA की प्रवर्तन अधिकारी अर्चना को भी व्हाट्सऐप के माध्यम से निर्माण संबंधी शिकायत भेजी, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई या जवाब नहीं मिला। इसके आधार पर पीड़ित परिवार ने KDA अधिकारियों और अस्पताल संचालक के बीच कथित मिलीभगत की आशंका जताई है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। KDA की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस से भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि प्लॉट पर कब्जे की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का भरोसा दिया था। लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप परिवार ने लगाया है।
उपासना पाण्डेय ने कहा कि परिवार अब मुख्यमंत्री से मिलकर प्लॉट पर कथित कब्जे के प्रयास और निर्माण की जांच की मांग करेगा। उनका कहना है कि वे मामले को उचित मंच तक ले जाएंगे और अपने प्लॉट की सुरक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और KDA से संबंधित निर्माण की नियमों और सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं।
फिलहाल मामले में पुलिस और KDA की ओर से आधिकारिक कार्रवाई अथवा संबंधित अस्पताल संचालक का पक्ष सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेज सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






