utrakhandटिहरी

नई टिहरी: आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा से मुखपाक रोगी को मिली राहत, जिला चिकित्सालय बौराड़ी का दावा

जन एक्सप्रेस/नई टिहरी :- नई टिहरी के जिला चिकित्सालय बौराड़ी स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय ने दावा किया है कि आयुर्वेदिक औषधियों, पंचकर्म चिकित्सा, योग और संतुलित जीवनशैली के समन्वित उपचार से मुखपाक (मुंह के छालों) से पीड़ित एक महिला को उल्लेखनीय राहत मिली है।

अस्पताल के अनुसार, राखी नामक महिला लगभग एक वर्ष से मुखपाक की समस्या से परेशान थीं। मुंह में दर्दनाक छालों के कारण उन्हें भोजन करने, पानी पीने और सामान्य दिनचर्या निभाने में कठिनाई हो रही थी। विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से उपचार कराने के बावजूद उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला।

इसके बाद उन्होंने जिला चिकित्सालय बौराड़ी के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में परामर्श लिया। जांच के बाद वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धि मिश्रा ने उन्हें मुखपाक से ग्रसित पाया और आयुर्वेदिक उपचार शुरू किया।

डॉ. सिद्धि मिश्रा के अनुसार, आयुर्वेद में मुखपाक मुख्य रूप से पित्त और कफ दोष के असंतुलन से जुड़ा माना जाता है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक तीखा, खट्टा, नमकीन और गरिष्ठ भोजन, तनाव, चिंता, पाचन संबंधी समस्याएं, कब्ज और आयरन की कमी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। इस स्थिति में मुंह में लालिमा, सूजन, जलन और दर्दयुक्त छाले हो जाते हैं।

चिकित्सालय के अनुसार, रोगी का उपचार आयुर्वेदिक औषधियों के साथ पंचकर्म चिकित्सा (गंडूष), नाड़ी शोधन प्राणायाम तथा आहार-विहार और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव के माध्यम से किया गया। लगभग एक माह के नियमित उपचार के बाद रोगी के छालों, दर्द और जलन में उल्लेखनीय कमी आई तथा वह सामान्य रूप से भोजन करने में सक्षम हो गई।

डॉ. सिद्धि मिश्रा ने बताया कि मुखपाक जैसी समस्याओं में संतुलित दिनचर्या, योग और आयुर्वेदिक उपचार लाभकारी हो सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि रोगी नारियल पानी, जौ का पानी और मूंग के सूप जैसे ठंडे एवं तरल पदार्थों का सेवन करें तथा अत्यधिक खट्टे, तीखे, गर्म और नमकीन भोजन एवं धूम्रपान से बचें।

उन्होंने यह भी बताया कि गंडूष आयुर्वेद की एक पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है। उनके अनुसार, इरिमेदादी तैल में जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जबकि त्रिफला क्वाथ सूजन कम करने और मुख की श्लेष्मा झिल्ली के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।

जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें बार-बार मुंह में छाले, जलन, सूजन या मुखपाक जैसी समस्याएं होती हैं, तो वे विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार प्राप्त करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button