कानपुर में तमंचे की नोक पर पौन घंटे बदमाशों ने मचाया तांडव, लाखों के ज़ेवर और नगदी लेकर हुए फरार

संवाददाता :- अमन तिवारी कानपुर
जन एक्सप्रेस /कानपुर :- कानपुर-बेखौफ बदमाशों ने चकेरी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दे डाला, घटना श्याम नगर चौकी के सी-ब्लॉक इलाके की है, जहां बदमाशों ने शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर को अपना निशाना बनाया। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।सोमवार दोपहर शरद त्रिपाठी का 16 वर्षीय बेटा देवांश घर के बाहरी कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा था, और उनकी पत्नी रचना त्रिपाठी किचन में खाना बना रही थीं। इसी दौरान तीन नकाबपोश बदमाश अचानक घर में दाखिल हो गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक बदमाश ने किचन में जाकर रचना की कनपटी पर असलहा सटा दिया। घबराई रचना ने जब अपने बेटे को मदद के लिए आवाज लगानी चाही, तो उन्होंने देखा कि दो अन्य बदमाशों ने पहले ही देवांश को चाकू और हथियारों के दम पर काबू में कर रखा है
बदमाशों ने रचना को धमकाते हुए कहा कि घर में जहां भी सोना-चांदी और नकदी रखी है, वह चुपचाप बता दें। जान का खतरा देख रचना ने अलमारी की चाबी बदमाशों के हवाले कर दी। बेखौफ लुटेरों ने न सिर्फ अलमारी में रखा सारा कीमती सामान समेटा, बल्कि रचना के शरीर पर पहने हुए गहने तक उतरवा लिए। इस दौरान बदमाशों ने मां-बेटे को रस्सियों से हाँथ कसकर बांध दिया। करीब 45 मिनट तक घर का कोना-कोना छानने के बाद, बदमाश दोनों को किचन में बंद कर अपाचे बाइक से फरार हो गए। इस लूट में बदमाश 10 लाख रुपये की ज्वेलरी और डेढ़ लाख रु रुपये नकद ले उड़े।
घटना के करीब 1 घंटे बाद जब घर में काम करने वाली मेड प्रियंका पहुंची, तो उसने देखा कि पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है।
अनहोनी की आशंका के बीच उसे किचन से रचना की दबी हुई आवाज सुनाई दी। प्रियंका ने तुरंत किचन का दरवाजा खोला और मां-बेटे को बंधन मुक्त कर पुलिस को सूचना दी।
दिनदहाड़े लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। चकेरी थाना पुलिस के साथ-साथ डीसीपी (पूर्वी)
सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी शिवा सिंह और फोरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस अभी मामले की जांच कर ही रही थी कि तभी किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया। उस व्यक्ति ने बताया कि दो मोबाइल फोन सड़क किनारे पड़े हुए हैं।
जब पुलिस वहां पहुंची, तो घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर दोनों मोबाइल फोन बरामद हो गए, जिन्हें परिजन और पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि सर्विलांस के डर से बदमाशों ने भागते वक्त मोबाइल रास्ते में ही फेंक दिए थे।
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि दोपहर 12 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। तीन युवक अपाचे बाइक से आए थे। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाशों के भागने का रूट और उनकी पहचान की जा सके।
घर मे काम करने वाली नौकरानी हिरासत मे
घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को घर मे काम करने वाली नौकरानी प्रियंका पर शक गए तो उसको पूछताछ करने के लिए हिरासत मे लिया गया,पुलिस के मुताबिक घटना को रेकी करने के बाद अंजाम दिया गया है। लुटेरों को पहले से पता था की शरद त्रिपाठी घर मे मौजूद नहीं है। महिला और बच्चों को निशाना बनाना आसान था, शायद इसलिए बदमाशों ने घटना का समय दोपहर 11 और 12 बजे तक का ही चुना। फिलहाल पुलिस घटना खोलने मे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। दिन दहाड़े हुई लूट की घटना ने चकेरी पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
कारखास के दम पर चल रहा है चकेरी थाना
वैसे कारखास कोई पद तो नहीं होता लेकिन इसके बिना कोई काम भी नहीं होता। पुलिस विभाग मे थानो के स्तर पर कोई एक सिपाही जो पूरा काम देखता है उसको बोलते हैं कारखास। चकेरी थाने मे भी ऐसा ही एक सिपाही जो थाने की कारखासी करता है। थाने स्तर के सभी मामले कारख़ास ही निपटाता है। जिसकी वजह से होने वाले छोटे-छोटे अपराध एक दिन बड़े बन जाते हैं। पुलिस सूत्र के मुताबिक चकेरी थाने का कारख़ास स्टैंड की वसूली, स्पा सेंटर,शराब ठेके से वसूली तक करता है, और अधिकारियो को लगातार गुमराह करता है।






