केदारताल में 8 जिंदगी संकट में! 4000 मीटर पर लापता ट्रैकर, रेस्क्यू रुका
केदारताल में 8 ट्रैकर लापता, 4000 मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच से बढ़ी मुश्किलें

जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर 8 ट्रैकरों के लापता होने से हड़कंप मचा हुआ है। करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच के बीच लापता हुए ट्रैकर्स की तलाश के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सोमवार को हेलीकॉप्टर के जरिए पांच बार हवाई सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका। खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते आखिरकार रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
30 अक्टूबर से लापता हैं 8 ट्रैकर
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 30 अक्टूबर को Soul Seeker ट्रैकिंग एजेंसी के 8 सदस्य गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के रास्ते लौट रहे थे। इसी दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आने के बाद सभी लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। लापता ट्रैकर्स की तलाश के लिए NIM और SDRF की टीमें जुटी हुई हैं।
हेलीकॉप्टर से पांच बार हवाई सर्च, नहीं मिला कोई सुराग
सोमवार सुबह 8:32 बजे से 10:56 बजे तक हेलीकॉप्टर ने पांच सॉर्टी लगाईं। इस दौरान NIM और SDRF की टीमों को केदारताल क्षेत्र में पहुंचाया गया। बचाव दल ने हवाई रेकी के साथ लापता ट्रैकर्स की संभावित लोकेशन पर सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
इसी बीच मौसम अचानक खराब हो गया और भारी हिमपात के कारण बचाव अभियान को रोकना पड़ा। इसके बाद टीमें केदारखड़क बेस कैंप लौट आईं, जहां वे फिलहाल रुकी हुई हैं।
टेंट और बैग बरामद, लेकिन ट्रैकर्स का पता नहीं
लापता लोगों की तलाश में वन विभाग और ट्रैकिंग एजेंसी की नौ सदस्यीय टीम ने भोजखड़क से केदारखड़क तक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान टीम को टेंट और बैग बरामद हुए, लेकिन लापता आठ ट्रैकर्स का कोई पता नहीं चल सका।
सर्च अभियान के बाद टीम वापस भोजखड़क लौट आई। वहीं, तपोवन ट्रैक पर गया दूसरा दल सुरक्षित बताया गया है और भोजवासा की ओर पहुंच रहा है।
प्रशासन की नजर, मौसम सुधरने का इंतजार
केदारताल क्षेत्र में लगातार बिगड़ते मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण रेस्क्यू टीमों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता आठों ट्रैकर्स तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। मौसम अनुकूल होने पर सर्च और रेस्क्यू अभियान दोबारा तेज किए जाने की जरूरत होगी।
-चंद्रप्रकाश बहुगुणा






