दिल्ली/एनसीआर

संजय सिंह ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने शुक्रवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंह ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट व भारत सरकार के एक्ट का उल्लंघन करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को आवंटित गारे पाल्मा कोयला खदान अपने मित्र अडानी को दे दी और उस पर 100 फीसद मालिकाना हक भी दे दिया।

उन्होंने कहा कि एक्ट के अनुसार, कोयले की खदान पर 76 फीसद राज्य सरकार और 26 फीसद ही निजी कंपनी का मालिकाना हक हो सकता है। अडानी से छत्तीसगढ़ सरकार को कोल इंडिया से करीब 450 रुपए प्रति टन महंगा कोयला बेचा जा रहा है। ऐसे में अडानी को इस खदान से करीब 25 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा होगा।

सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले बताया था कि सस्ती बिजली देने के लिए राजस्थान सरकार को कोयले की खदान मिली थी और राजस्थान को अपने पावर प्लांट में कोयले का इस्तेमाल कर जनता को सस्ती बिजली देने के लिए कहा गया था। लेकिन राजस्थान सरकार को मिली दोनों कोयले की खदानें अडानी को दे दी गईं।

राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ का भी एक मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सरकार को पावर प्लांट के लिए कोयले की खदान दी गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार को खदान से कोयला निकालकर अपने पावर प्लांट में इस्तेमाल कर बिजली का उत्पादन करने और अपनी जनता को सस्ते में बिजली देने के लिए कहा गया था। यह कोयले की खदान छत्तीसगढ़ में ही है।

सिंह ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का भी कोयला खदान है। इनके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार को आवंटित खदान भी है, जो अडानी को दे दी गई है। कोल इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार को जी-13 का कोयला 827 रुपए प्रति टन दे रहा है। जबकि अडानी 1269 रुपए प्रति टन कोयला छत्तीसगढ़ सरकार को दे रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार को कोल इंडिया की तुलना में अडानी द्वारा करीब 450 रुपए प्रति टन महंगा कोयला दिया जा रहा है। अडानी को खदान से 232 मिलियन टन कोयला निकालना है। वर्तमान में अगर 450 रुपए प्रति टन का मुनाफा लिया जा रहा है, तो भविष्य में यह 500 से 2000 रुपए भी हो सकता है। यह भी हैरानी की बात है कि पूरे देश में जितने एमडीओ हुए हैं, उसमें से 56 फीसद कोयला अडानी के नाम किया गया है।

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